अयोध्या(जिला संवाददाता) सुरेंद्र कुमार
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की नगरी इस समय गुस्से में है, नाराजगी दो तरफा है दिनों दिन मामला तूल पकड़ता जा रहा है, अभीतक प्रशासन की ओर से कोई समझदारी पूर्ण निर्णय सामने नहीं आ पाया है।
अयोध्या में पिछले 16 मार्च को घटित एक घटना ने हर आम और खास को झकझोर कर रख दिया है, दरअसल एक सात वर्षीय मासूम बेटी के साथ दुराचार की घटना प्रकाश में आयी, बेटी को स्थानीय पुलिस ने गंभीरावस्था में अस्पताल में भर्ती कराया, हालत गंभीर होने की वजह से डाक्टरों ने रेप पीड़ित बालिका को लखनऊ मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया जहाँ अभी भी उसका इलाज चल रहा है।
लोगों का आरोप है कि मामले में संलिप्त लोगों पर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है, सोशलमीडिया पर लोगों का जबरदस्त गुस्सा देखने को मिल रहा है इस सबके विपरीत पुलिस का कहना है कि मामले में केवल एक व्यक्ति दोषी था जिसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है वहीं पीड़ित बालिका के परिजनों सहित तमाम लोग पुलिसिया कहानी को मनगढ़ंत बताते हुए राजनैतिक प्रभाव में वास्तविक आरोपियों को बचाने का आरोप लगा रहे हैं, इसी मुद्दे पर रेप पीड़ित बालिका को न्याय दिलाने के लिए समाजसेविका अर्चना तिवारी ने क्षेत्रीय लोगों के साथ काफी धरना प्रदर्शन किया जिससे पुलिस की काफी किरकिरी भी हुई जिसके बाद पुलिस के नगर कोतवाल देवेंद्र सिंह द्वारा रात में समाजसेविका के घर पहुंच कर धमकी सहित मुकदमे में फंसा कर जिंदगी बर्बाद करने व उनके पति को जबरन पुलिस की गाड़ी में बैठाने सहित अनेक अनैतिक कृत्य किए गए जिससे आहत समाजसेविका अपने पति व दो छोटे बच्चों के साथ कई दिनों से गांधी पार्क में धरने पर बैठी हैं इसी दरम्यान रेप पीड़िता के बड़े पिता की आसामयिक मौत हो गई परिजनों सहित कई लोग इसे बेटी के साथ हुई घटना से जोड़कर देख रहे हैं लोगों का कहना है कि रेप की घटना के बाद से वे काफी गुमसुम रहने लगे थे, परिजनों का आरोप है कि वे घटना के बाद से अवसाद में चल रहे थे, पीड़िता के बड़े पिता के देहांत के बाद एक बार फिर मामला गरमा गया प्रशासन की लाख मान मनौव्वल के बावजूद परिजनों ने रेप पीड़िता के ताऊ का पोस्टमार्टम नहीं करवाया जबकि जिले के आलाधिकारी हरसंभव मदद का भरोसा दे रहे थे लेकिन लोगों ने उनकी एक न सुनी, सरयू तट पर मासूम के बड़े पिता का अंतिम संस्कार करा दिया गया, लखनऊ में मासूम बेटी का उपचार चल रहा है लेकिन भाई के अंतिम दर्शन के लिए मासूम बेटी का पिता लखनऊ में बेटी को पुलिस की देखरेख में छोड़कर अयोध्या पहुंचा जिसके बाद माहौल और भी गमगीन हो गया परिजनों सहित वहाँ पर मौजूद नाते रिश्तेदार दहाड़ मारकर रोने लगे।
16 मार्च को अयोध्या में मासूम के साथ दिल दहलाने वाली घटना के बाद से लोगों का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है मासूम के ताऊ की आसामयिक मौत पर कई दिनों से धरने पर बैठी समाजसेविका अर्चना तिवारी के नेतृत्व में लोगों ने सिविल लाइन स्थित गांधी पार्क में शाम 7:00 बजे गुड़िया के बड़े पिता की आत्मशांति के लिए दो मिनट का मौनव्रत करके शांति पाठ करते हुए कैंडल जलाकर दुख व्यक्त किया वहीं प्रशासन के रवैये और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों के खिलाफ लोगों का आक्रोश कम होने का नाम नहीं ले रहा है।

