प्रयागराज : कोरोना के मामले में मंगलवार का दिन काफी राहत देने वाला रहा। एक दिन पहले के मुकाबले नए संक्रमितों की संख्या में बड़ी कमी देखी गई। इससे स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अफसरों ने राहत की सांस ली है। मरने वालों का आंकड़ा भी एक दिन पहले के मुकाबले कम रहा। जबकि संक्रमण मुक्त होने वालों की संख्या चार गुना अधिक रही। कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. ऋषि सहाय ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जिले में मंगलवार की शाम तक एक्टिव केसों की संख्या तकरीबन ढाई हजार रह गई है।

डॉ. सहाय ने बताया कि मंगलवार को जिले में कुल 10242 लोगों की कोरोना की जांच की गई। इसमें कुल 110 नए संक्रमित मिले हैं। 62 में आरटीपीसीआर में पुष्टि हुई है जबकि 21 की एंटीजन से और बाकी 27 लोग ट्रूनॉट से संक्रमित पाए गए हैं। इसमें ग्रामीण इलाके के 18 लोग संक्रमित पाए गए हैं। मंगलवार को नए संक्रमितों की संख्या कम होने से अस्पतालों में भर्ती होने वालों की संख्या भी कम रही। निजी कोविड अस्पतालों में अब गिने-चुने मरीज रह गए हैं। उधर, स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, बेली, रेलवे अस्पतालों में भी अप्रैल महीने वाला लोड नहीं रह गया।

इन सरकारी अस्पतालों में भी बड़ी संख्या में बेड खाली हो गए। ऑक्सीजन की डिमांड भी कम रही। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक महीने भर बाद जिले में होेने वाले कुल टेस्ट के मुकाबले संक्रमण की दर में बड़ी कमी आई है। 17 अप्रैल को संक्रमण की दर टोटल जांच के मुकाबले 21 फीसदी के आसपास थी। जबकि मंगलवार को यह घटकर 1.07 फीसदी पर आ गई। जानकार इसे बड़ी राहत बता रहे हैं। उधर, प्रदेश की ओर से जारी होने वाले बुलेटिन में प्रयागराज का स्थान अब पहले के मुकाबले लगातार गिरते हुए मंगलवार को 17वें नंबर पर आ गया। मंगलवार को जांच कराने वाले लोगों में 5624 ने एंटीजन, 4327 ने आरटीपीसीआर, 122 ने प्राईवेट लैब में और 139 ट्रूनॉट से जांच कराई है।
441 का होम आइसोलेशन पूरा, 41 को हॉस्पिटल से छुट्टी
मंगलवार को जिले में नए संक्रमितों के मुकाबले संक्रमण मुक्त होेने वालों की संख्या चार गुना अधिक रही। 441 ने होम आइसोलेशन पूरा किया है जबकि 41 को स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, बेली और रेलवे हॉस्पिटल से कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद छुट्टी दी गई। छुट्टी पाने वालों में तकरीबन 20 फीसदी लोगों को पोस्ट कोविड के लक्षण बने रहने की वजह से अस्पतालों में भर्ती रहना पड़ा। हालांकि, उन्हें कोविड वार्ड की जगह गैर कोविड वार्ड में भर्ती किया गया।

