प्रयागराज राजरूपपुर में विवाहिता सोनी प्रजापति (35) की ससुराल में चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई। घटना के वक्त घर में मौजूद दो बच्चों ने भागकर पड़ोसी को सूचना दी जिसके बाद जानकारी मिलने पर पुलिस पहुंची। इस दौरान पति समेत तीन ससुरालीजनों को पकड़ लिया गया, लेकिन अन्य दो भाग निकले। पुलिस का कहना है कि पारिवारिक कलह में वारदात अंजाम दी गई।
राजरूपपुर केशांतिनगर में रहने वाला राजू फल का ठेला लगाता है। उसकी शादी 10 साल पहले फूलपुर के जोगिया शेखपुर गांव की रहने वाली सोनी से हुई थी। शादी के बाद सोनी ने एक बेटे व एक बेटी को भी जन्म दिया। पुलिस के मुताबिक, पड़ोसियों ने बताया कि रविवार शाम चार बजे के करीब घर से झगड़े की आवाजें आने लगीं। कुछ देर बाद दोनों बच्चे चीखते हुए बाहर निकले। इसके बाद पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति को जाकर बताया कि पापा और अन्य घरवाले उनकी मां को चाकू से मार रहे हैं। पड़ोसी ने सूचना दी तो पुलिस पहुंच गई। पुलिसकर्मी भीतर पहुंचे तो सोनी लहुलुहान हालत में मृत पड़ी थी। इस दौरान भागने की कोशिश पर पति राजू, सास कुसुम व बहन मंजू को हिरासत में ले लिया गया।
जानकारी पर एसपी सिटी व धूमनगंज थाने की फोर्स भी पहुंच गई। जांच पड़ताल में पता चला कि मृतका की चाकुओं से गोदकर हत्या की गई थी। जानकारी पर मायकेवाले भी आ गए। पूछताछ में बताया कि सुसरालवाले अक्सर मृतका से झगड़ते रहते थे। उधर पड़ोसियों ने भी पूछताछ में सामने आया कि मृतका का ससुरालवालों से अक्सर झगड़ा होता रहता था। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि जांच पड़ताल में सामने आया है कि मृतका व उसके ससुरालवालों की बनती नहीं थी। रविवार को भी उनके बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ। जिसके बाद आरोपियों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। पति समेत पांच पर केस दर्ज किया गया है जिनमें देवर व ननदोई भी शामिल हैं। दोनों की तलाश की जा रही है।
बच्चे बोले- सबने मिलकर मारा मम्मी को
सोनी की मौत पर आठ वर्षीय बेटा और छह वर्षीय बेटी फूट-फूटकर रोते रहे। पुलिस केपूछने पर बताया कि पापा ने अन्य घरवालों केसाथ मिलकर मम्मी को मारा। वह बचने के लिए बाहर भागी तो उसे खींचकर फिर घर में ले आए। इसकेबाद चाकू से मारने लगे। मम्मी के शरीर से खून बहने लगा तो वह भागकर बाहर गए और पड़ोसी को जानकारी दी।
थर-थर कांपती मिली नई नवेली बहू
वारदात की जानकारी पर पुलिस मौकेपर पहुंची तो घर में मृतका की देवरानी मिली। डर के चलते वह थर-थर कांप रही थी। पुलिस ने पूछताछ की तो बच्चों ने बताया कि चाची अपने कमरे में ही थी और बाहर नहीं निकली। दरअसल हत्या में नामजद मृतका के देवर धीरज की बीते 30 मई को ही शादी हुई थी। इसी में शामिल होने के लिए उसकी बहन-बहनोई भी आए थे। पुलिस का कहना है कि हत्या में मृतका के देवरानी की संलिप्तिता नहीं मिली है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।

