21 अक्तूबर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
भजि रघुपति कर हित आपना ।
छाँडहु नाथ मृषा जल्पना ।।
नील कंज तनु सुंदर स्यामा ।
हृदयँ राखु लोचनाभिरामा ।।
( लंकाकांड 55/3)
राम राम 🙏🙏
लक्ष्मण जी को शक्ति लगी है , हनुमान जी सुषेन वैद्य को उपचार के लिए लाए हैं , उधर रावण कालनेमि राक्षस के पास जाता है और उससे हनुमान जी का मार्ग रोकने को कहता है । कालनेमि उसे समझाते हुए कहता है कि हे नाथ, झूठी बकवाद छोड़ कर आप राम भजन कर अपना हित कर लीजिए । आँखों को सुख देने वाले नीलकमल के समान सुंदर श्याम शरीर वाले राम जी को अपने हृदय में धारण करें
रावण को झूठ पसंद है , उसे अपना भजन पसंद है इसीलिए उसका कल्याण नहीं हुआ । जिसने जिसने भी राम भजा उसका उसका कल्याण हो गया । हम आप भी तो अपने कल्याण के लिए इच्छुक हैं , फिर देरी किस बात की , नयनाभिराम राम जी को हृदय में धारण कर राम भजें , कल्याण होगा । अस्तु! राम भज , राम भज , राम राम भज 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

