श्रीराम एयरपोर्ट मामले में किसानों के बाद हाइकोर्ट ने सुना प्रशासन का पक्ष–मांगा शपथ पत्र

अयोध्या। श्रीराम एयरपोर्ट मामले में इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ में 29 जून को धरमपुर के पंचराम प्रजापति सहित 107 किसानों की सुनवाई हुई संपन्न।  बता दें कि इससे पहले 23 जून को किसानों की प्रताड़ना और जबरन उनकी जमीनों को बैनामा करने के लिए मजबूर करने को लेकर हाईकोर्ट ने डीएम अयोध्या सहित तीन अधिकारियों को किया था तलब।  वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी अयोध्या अनुज कुमार झा,उपजिलाधिकारी सदर ज्योति सिंह तहसीलदार विजय कुमार सिंह ने माननीय उच्च न्यायालय में कोर्ट की कार्यवाही में शामिल हुए। जिलाधिकारी अयोध्या ने न्यायालय के सामने यह वक्तब्य दिया कि जमीनें पूर्ण रूप से सरकारी आदेश दिनांक 19-03-2015 के आधार पर खरीदी जाएंगी जबर्दस्ती या मजबूरी के आधार पर किसानों से जमीन लेने का कोई प्रश्न नही है।
सर्किल रेट को रिवाइज करने के प्रश्न पर जिलाधिकारी महोदय ने कोर्ट से यह कहा कि जरूरी नही है कि सर्किल रेट प्रतिवर्ष रिवाइज हो उन्होने यह भी कहा कि सर्किल रेट वर्ष 2018  तथा उसके बाद वर्ष 2020 मे रिवाइज किया गया है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि याची गण को ज़बरदस्ती व मजबूर करके जमीनें नही क्रय की जाएंगी और नाही उनके घर गिराए जाएंगे।हाइकोर्ट ने कहा डीएम अयोध्या सहित तीनो अधिकारी अगले तीन हफ्ते में अपना जवाब प्रस्तुत करें व अगले एक हफ्ते में याचीगण उसका प्रतिशपथ पत्र दाखिल करें। याचिका चार हफ़्तों बाद पुनः सुनवाई के लिए प्रस्तुत की जाय। कोर्ट ने कहा तबतक मामला यथास्थित बरकरार रहे, और किसानों पर कोई भी जोर जबरदस्ती और प्रताड़ना नहीं होनी चाहिए। बता दें कि किसानों ने इसमें भूअध्यापित अधिकारी और नागरिक उड्डयन विभाग को भी पार्टी बनाया था। अधिकारियों ने कोर्ट के माध्यम से याचिकाकर्ताओं से आग्रह किया कि जब अभी अधिग्रहण नहीं किया जा रहा है, तो कृपया उक्त अधिकारियों को रीट से हटा दिया जाए।

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