गोरखपुर खजनी डी के यू हिन्दी दैनिक रवि कुमार : गोरखपुर नगर निगम क्षेत्र अब पांच जोन में बंटेगा। प्रशासनिक सुविधा के दृष्टिकोण से नगर निगम प्रशासन ने शहर को चार की बजाए पांच जोन में बांटने का फैसला लिया है। सभी जोन में जोनल कार्यालय बनाए जाएंगे और जोनल अधिकारियों की तैनाती होगी। इन सभी जोन ऑफिस में ही संबंधित जोन के लोगों के नगर निगम संबंधी सारे कार्य होंगे। एक जोन में कार्यालय बनाने की शुरुआत भी कर दी गई है। वहीं नगर निगम कार्यालय मुख्यालय के रूप में कार्य करेगा।धीरे धीरे नगर निगम सीमाक्षेत्र का विस्तार होता चला गया। 32 नए गांवों के जुड़ने के बाद नगर निगम का दायरा 147 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 210 वर्ग किलोमीटर हो गया है। इसके पहले 2020 में नगर निगम का सीमा विस्तार किया गया था। नगर निगम के लगातार विस्तार की वजह से बाहरी वार्डो के लोगों को जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने, टैक्स जमा करने, सड़क, नाला आदि की समस्या के लिए नगर निगम में आना पड़ता है। कुछ वार्डों से नगर निगम की दूरी 10 किलोमीटर तक है। ऐसे में छोटे छोटे कामों के लिए लोगों को इतनी दूरी चलकर नगर निगम आना पड़ता है। इसको देखते हुए नगर आयुक्त ने शहर में जोनों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है।
अपने इलाके में ही बनवा सकेंगे जन्म, मृत्यु प्रमाणपत्र
जल्द ही शहर के बाहरी वार्ड के लोग अपने घर के आसपास ही नगर निगम के विभिन्न कार्य करा सकेंगे। नगर निगम के इस निर्णय के अनुसार सभी जोन में कार्यालय भी बनाए जाएंगे। जहां जन्म, मृत्यु प्रमाणपत्र के अलावा टैक्स आदि जमा किया जा सकता है।नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में जोन की संख्या बढ़ाकर पांच कर दी गई है। इन सभी जोन में एक-एक जोनल कार्यालय बनाए जाएंगे। इसकी शुरुआत भी कर दी गई है। साथ ही सभी जोन में जोनल अधिकारी तैनात होंगे। इन जोनल कार्यालय में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनाए जाएंगे। टैक्स भी जमा होंगे। इसके अलावा निर्माण, सफाई, पेयजल समेत अन्य सभी कार्यों के लिए भी कर्मचारी एवं अधिकारी तैनात होंगे। लोगों को अपनी समस्याओं को दूर कराने के लिए नगर निगम मुख्यालय में नहीं आना होगा।

