आर एल पाण्डेय
लखनऊ। उतर प्रदेश में सवर्ण आयोग की मांग जोर पकड़ती जा रही है। दशकों से भारत में सवर्णो की हालात बद से बदतर होती जा रही है। आजादी के बाद सिर्फ दलित और पिछड़ो को ही वोट बैंक मानकर राजनीति होती रही है
और सवर्ण धीरे धीरे हाशिये पर चला गया।हां राजनीति में सवर्ण आज भी पदासीन हैं मगर समाज के आखिरी पायदान पर बैठे बच्चे बिना आरक्षण और अन्य सुविधाओं के अभाव में सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ते जा रहे हैं। सवर्ण आयोग के सहयोग से इस वर्ग को भी सबल बनाने की मांग बढ़ रही है ।
आजाद मंच भारत की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रागिनी अवस्थी ने बताया कि उनका संगठन प्रदेश में जिला स्तर पर डी एम के माध्यम से मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन देगा।
उन्होंने कहा कि हमारी किसी से कोई दुश्मनी नही है नही हम किसी वर्ग का विरोध करते हैं मगर हमें हमारे बच्चों के भविष्य का भी सोचना होगा। आज़ाद मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष राना ठाकुर का आवाहन है कि ” आरक्षण नही अमीरों को,संरक्षण सभी गरीबों को ”
इसके तहत एक शान्तिपूर्वक आंदोलन पिछले 15 वर्षो से जारी है जिसमे दलित एक्ट , जातिगत आरक्षण और अन्य असंगत कानूनों का विरोध किया जाता है साथ ही सवर्ण बच्चों के भविष्य के लिए एक कानूनी आयोग की मांग भी रखी है ।शीघ्र ही अन्य जिलों के साथ लखनऊ में भी इस आंदोलन की धमक होगी।

