श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

4 फरवरी – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

तात तीनि अति प्रबल खल
काम क्रोध अरु लोभ ।
मुनि बिग्यान धाम मन करहिं निमिष महुँ छोभ ।।
( अरण्यकांड, दो. 38)
राम राम 🙏🙏
श्री सीता जी को खोजते हुए राम जी एक वन से दूसरे वन भटक रहें हैं, वे लक्ष्मण से कहते हैं कि मुझे विरह युक्त व वलहीन देखकर कामदेव ने मानों वन , भौंरों, पक्षियों के साथ मुझ पर धावा बोल दिया हो ।वे लक्ष्मण से आगे कहते हैं कि काम क्रोध और लोभ ये तीन प्रबल खल हैं , ये विज्ञान के धाम मुनियों के भी मनों को पल में बिगाड़ देते हैं ।
काम क्रोध व लोभ किसी के भी मन को बिगाड़ सकते हैं परंतु राम नाम किसी के भी मन को सवार सकता है । अतएव काम क्रोध व लोभ की चिंता न करें, बस राम नाम धारण करने पर ध्यान दें । अथ ! जय राम राम जय राम राम 🚩🚩🚩

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