गोरखपुर में भू-माफियाओं पर मेहरबान डीएम और एसएसपी पर भड़के सीएम योगी,बोले- तुरंत मंदिर से कब्जा हटवाओ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां सांसद रहते हुए जिस मंदिर का सीएम योगी ने लोकार्पण किया था उसपर अब भू-माफियाओं ने कब्जा कर लिया है।
गोरखपुर में लगे जनता दरबार में मंदिर के महंत ने जब इसकी शिकायत की तो मुख्यमंत्री अफसरों पर भड़क उठे। उन्होंने DM विजयेंद्र पांडियन और SSP दिनेश कुमार प्रभु को डांटते हुए तुरंत मंदिर से कब्जा हटवाने का आदेश दे दिया।

सीएम योगी की फटकार लगते ही कब्जा खाली कराया

मामला रामगढ़ताल इलाके के महेवा एहतमाली बंधे पर बने समैय माता का मंदिर का है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सांसद रहते हुए इस मंदिर का लोकार्पण किया था। अब इस मंदिर पर भू-माफियाओं ने कब्जा कर लिया है। मंदिर के महंत चेतन गिरी उर्फ नागा बाबा ने भू-माफियाओं की शिकायत कई बार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से की। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्हें जब इंसाफ नहीं मिला तो वह सीएम योगी की शरण में पहुंच गए।

सीएम योगी भी दो बार अफसरों को मंदिर से कब्जा हटाने का निर्देश दे चुके थे। इसके बावजूद मंदिर कब्जा मुक्त नहीं हुआ। रविवार को फिर शिकायत मिलने के बाद मुख्यमंत्री आगबबूला हो गए। उन्होंने मौके पर मौजूद DM और SSP को डांटते हुए तुरंत कब्जा हटवाने का आदेश दे दिया। इसके बाद अफसर भी हरकत में आ गए और दो घंटे के अंदर ही मंदिर को कब्जा मुक्त करा दिया।

सीएम योगी के पास पहुंचते ही रोने लगे महंत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलते ही मंदिर के महंत चेतन गिरी की आंखें नम हो गई। उन्होंने सीएम योगी को अपनी आपबीती सुनाई। सीएम योगी ने भी उन्हें देखते ही पहचान लिया। उन्होंने चेतन गिरी से उनका कुशलक्षेम पूछा। चेतन गिरी ने मुख्यमंत्री को बताया कि किस तरह जिले का पुलिस प्रशासन उनके निर्देश के बाद भी भू-माफियाओं पर मेहरबान है और डेढ़ साल से उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।

महंत ने अपनी जान का बताया खतरा

सीएम योगी के निर्देश पर आला अफसर मौके पर पहुंच गए और कब्जा खाली कराया। उधर, चेतन गिरी उर्फ नागा बाबा का आरोप है कि आरोपी रमाशंकर सोनकर बेहद दबंग और अपराधी किस्म का व्यक्ति है। वह और उसके परिवार के लोग लगातार उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। नागा बाबा के मुताबिक उनकी जान को खतरा है। ऐसे में उन्होंने भयवश अपनी सुरक्षा के लिए कहीं और जाकर शरण ले ली है। उन्होंने सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय जाकर फिर सीएम से मुलाकात करने की बात कही है। उन्होंने ये भी कहा कि जब तक भू-माफियाओं पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक मैं गोरखपुर नहीं आऊंगा।

भू-माफिया ने गिराई थी शिक्षक की जमीन की बाउंड्री

बता दें कि अभी एक हफ्ते पहले आरोपी रमाशंकर सोनकर ने रायगंज निवासी विजय कसेरा की जमीन पर पुलिस के सहयोग से पक्की बाउंड्रीवाल को ध्वस्त करा दिया था। इस मामले में एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु के निर्देश पर पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि फलमंडी चौकी पर तैनात कुछ पुलिसकर्मियों का आरोपी रमाशंकर के घर आना जाना है।उसके घर आए दिन पुलिस की दावत भी चलती है। यह मामला एसएसपी के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने इसकी जांच भी शुरू करा दी है।

पुल‍िस की कार्यप्रणाली पर भड़के सीएम योगी आद‍ित्‍यनाथ, बोले- थानों पर क्यों नहीं हो रहा समस्याओं का निस्तारण ?

गोरखपुर में आयोजित जनता दर्शन में अपनी कार्य प्रणाली को लेकर पुलिस एक बार फिर निशाने पर रही। थानों और पुलिस चौकियों पर मामलों का निस्तारण न होने के चलते न्याय की आस लेकर जनता दर्शन में पहुंचे फरियादियों की समस्या सुनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौके पर मौजूद एसएसपी को इसे लेकर खूब खरी-खोटी सुनाई।

एसएसपी से कहा, हीला-हवाली करने वाले थानाध्यक्षों के खिलाफ करें कार्रवाई

सवालिया लहजे में मुख्यमंत्री ने एसएसपी से कहा कि आखिर पुलिस क्या कर रही है, जो फरियादियों को जनता दर्शन तक आने की जरूरत पड़ रही है। यदि उनके मामले का निस्तारण थानों और पुलिस चौकियों पर हो जाता तो छोटे-छोटे काम के लिए उन्हें मुख्यमंत्री तक पहुंचने की जरूरत नहीं पड़ती। मुख्यमंत्री ने एसएसपी से कहा कि वह मामले का स्थानीय स्तर पर निस्तारण हर हाल में सुनिश्चित करें। ऐसा करने में हीला-हवाली करने वाले थानाध्यक्षों और चौकी इंचार्जों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें।

दरअसल पुलिस की कार्य प्रणाली पर मुख्यमंत्री नाराज इसलिए हो गए क्योंकि फरियादियों में अधिक संख्या उनकी थी, जो स्थानीय स्तर पर पुलिस द्वारा मामले का संज्ञान न लेने की शिकायत लेकर आए थे। कुछ लोगों की शिकायत मुकदमा दर्ज न होने को लेकर थी तो कुछ मुकदमा दर्ज होने के बाद भी कोई कार्यवाही न होने की शिकायत लेकर आए थे। मंदिर प्रबंधन की मुताबिक मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में करीब 100 लोगों की समस्या सुनीं, जिसमें से 50 फीसद से अधिक मामले पुलिस की लापरवाही और मनमाने रवैये के थे। फरियादियों की समस्या सुनने के लिए मुख्यमंत्री जनता दर्शन में करीब 45 मिनट तक रहे।

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