श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

27 फ़रवरी – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

शिव पद कमल जिन्हहि रति नाहीं।
रामहि ते सपनेहुँ न सोहाहीं ।।
बिनु छल बिश्वनाथ पद नेहू।
राम भगत कर लच्छन एहू।।
( बालकांड -103/3)
राम राम 🙏🙏
भगवान शिव की कथा कहने के बाद याज्ञवल्क्य जी भरद्वाज मुनि से कहते हैं कि शिव जी के चरणों में जिनकी प्रीति नहीं है वे स्वप्न में भी श्री राम जी को अच्छे नहीं हैं लगते हैं । शिव जी के चरणों में निष्कपट प्रेम होना राम भक्त का लक्षण है ।
श्री राम जी को शिव जी प्रिय हैं , हमारा शिव प्रेम हमें राम प्रियता , राम समीपता प्रदान करेगा । अतएव! जय शिवशंकर जय सियाराम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

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