अयोध्या परसोत्तम राम मंदिर में बनेगा रामायण के 108 प्रसंगों का म्यूजियम

अयोध्या(संवाददाता) सुरेंद्र कुमार। राम जन्मभूमि निर्माण और विकास के साथ त्रेता युग से संबंधित परिसर में भव्य मंदिर में श्री रामलला के साथ भगवान श्री राम की जीवन चरित्र से जुड़े लीलाओं का भी दर्शन प्राप्त होगा। जिसके लिए 108 प्रसंगों पर आधारित मूर्तियों का निर्माण किया जा रहा है। जिन्हें परिसर में श्री रामकथा कुंज म्यूजियम में स्थापित किया जाएगा। परिसर में रामायण के प्रसंगों पर आधारित 108 कलाकृतियों स्थापित की जाएंगी। श्री राम जन्मभूमि परिसर में भगवान श्री राम लला के भव्य मंदिर के साथ रामायण के प्रसंगों पर आधारित रामकथा कुछ किया स्थापना के लिए स्वर्गीय अशोक सिंघल द्वारा योजना बनाई गई थी। जिसके तहत रामायण के प्रसंगों पर आधारित 108 कलाकृतियां स्थापित की जाएंगी। इसमें भगवान श्री रामलला की जन्म काल से लेकर रावण वध और अयोध्या वापसी के बाद श्री राम के राज तिलक तक के प्रसंग स्थापित किए जाएंगे वर्तमान में सीता हरण प्रसंग तक की मूर्तियों का निर्माण कार्य किया जा चुका है। लेकिन अब इस कार्य को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की देखरेख में किया जा रहा है। जिसका निर्माण असम के कारीगर श्री रामकथा कुंज के लिए मूर्तियां बना रहे हैं
श्री रामकथा कुंज के लिए बनाई जा रही मूर्तियों में लोहे के छड़, सीमेंट मोरंग व स्टील की जाली का प्रयोग किया जा रहा है। और असम के विशेष मूर्तिकार रंजीत मंडल व नारायण मंडल द्वारा इसका निर्माण किया जा रहा है। जिन्हें स्वर्गीय अशोक सिंघल लाया गया और आज भी इस कार्य को पूरा करने में लगे हुए हैं। नारायण मंडल ने मूर्तियों की जानकारी देते हुए कहा कि श्री रामलला के जन्म से लेकर अभी सीता हरण तक कि मूर्ति का निर्माण हो चुका है। इसकी रंगाई के बाद अपने लुक में दिखाई देगी। वहीं कहा कि वर्षों इस कार्य को कर रहे हैं जब तक इसे पूरा नही कर लिया जाएगा वापस असम नही जायेगे।
इस म्यूजियम में श्री रामलला के जन्मकाल से राजतिलक तक के प्रसंगों का होगा। राम जन्मभूमि परिसर में भव्य मंदिर में श्री रामलला के साथ भगवान श्री राम की जीवन चरित्र से जुड़े लीलाओं का भी दर्शन प्राप्त होगा। जिसके लिए 108 प्रसंगों पर आधारित मूर्तियों का निर्माण किया जा रहा है। जिन्हें परिसर में श्री रामकथा कुंज म्यूजियम में स्थापित किया जाएगा। श्री राम जन्मभूमि परिसर में भगवान श्री राम लला के भव्य मंदिर के साथ रामायण के प्रसंगों पर आधारित रामकथा कुछ किया स्थापना के लिए स्वर्गीय अशोक सिंघल द्वारा योजना बनाई गई थी। जिसके तहत रामायण के प्रसंगों पर आधारित 108 कलाकृतियां स्थापित की जाएंगी। इसमें भगवान श्री रामलला की जन्म काल से लेकर रावण वध और अयोध्या वापसी के बाद श्री राम के राज तिलक तक के प्रसंग स्थापित किए जाएंगे वर्तमान में सीता हरण प्रसंग तक की मूर्तियों का निर्माण कार्य किया जा चुका है। लेकिन अब इस कार्य को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की देख रेख में किया जा रहा है।आज भी इस कार्य को पूरा करने में लगे हुए हैं। नारायण मंडल ने मूर्तियों की जानकारी देते हुए कहा कि श्री रामलला के जन्म से लेकर अभी सीता हरण तक कि मूर्ति का निर्माण हो चुका है। इसकी रंगाई के बाद अपने लुक में दिखाई देगी। वहीं कहा कि वर्षों इस कार्य को कर रहे हैं जब तक इसे पूरा नही कर लिया जाएगा वापस असम नही जायेगे।
श्री रामलला के जन्मकाल से राजतिलक तक के प्रसंगों का होगा म्यूजियमराम जन्मभूमि परिसर में बनने वाले श्री रामकथा कुंज को लेकर पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि इस मूर्तियों स्थापित किया जाएगा इस लदूरदराज से आने वाले दर्शनार्थियों से उठा के दर्शन करेंगे तो ही बताया कि भविष्य में युवाओं को भगवान श्री राम लला के जीवन से जुड़ी सभी जानकारियां देश परिसर से प्राप्त होंगे । श्री राम कथा कुंजन में भगवान श्री राम की जन्म काल से लेकर रावण वध और अयोध्या आगमन के बाद राज तिलक से लेकर अन्य प्रसंग भी दिखाई देंगे।

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