” बाबा नीब करौरी महाराज ” फिल्म की शूटिंग जल्दी ही

आर एल पाण्डेय

लखनऊ। फ़िल्म के निर्माता /निर्देशक / कहानीकार शरद चंद ठाकुर ने बताया कि भक्तों के भगवान पूज्य बाबा नीब करौरी महाराज पर बनने वाली फ़िल्म की शूटिंग जल्दी ही उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में की जाएगी. इनमें बाबा की प्रेरणा से बने मंदिर और आश्रम भी शामिल रहेंगे. उन्होंने बताया कि अगले पखवारे वह दोबारा लखनऊ आएंगे।
फ़िल्म की निर्माता / कहानीकार श्रीमती कनक चंद ने बताया कि देश दुनिया के लाखों भक्तजनों के लिए इससे ज्यादा ख़ुशी की बात और क्या होगी कि हम सबके पालनहार बाबाजी अब रुपहले पर्दे पर दिखाई देंगे. गुरुदेव महाराज पर बनने वाली फ़िल्म निर्माता टीम में शामिल होना ही उनके लिए सौभाग्य की बात है. बाबाजी की कृपा से ही वह टीम का अहम हिस्सा बन सकी हैं. उन्होंने बताया की फ़िल्म के निर्माता / निर्देशक / कहानीकार श्री शरद सिंह ठाकुर जी ने बाबा जी की भक्त होने के कारण उन्हें अपनी टीम में शामिल किया जिससे दोनों को बाबा जी की जीवनयात्रा की कहानी एकत्रित करने में आसानी हो सके और सबका आशीर्वाद प्राप्त कर सकें। कैंचीधाम के भगवान माजिला जी, हल्द्वानी के संतोष कुमार सिंह जी, भक्तिधाम के व्यवस्थापक श्री गजेंद्र सिंह बिष्ट जी, उत्तराखंड मुख्यमंत्री के सचिव श्री। देहरादून के गोचर आगरा से डॉ कविता रायजादा और श्री आर पी रायजादा जी, अकबरपुर से श्री उदयन कुमार शर्मा जी (गोपाल ), सांडी आश्रम (हरदोई) के महंत स्वामी रंगनाथ महाराज जी , प्रयागराज से श्री चंद्रशेखर पांडे जी अन्य सहयोगियों के साथ गुरुदेव महाराज के आश्रम व मंदिरों में जाने और भक्तजनों से मिलने से यादगार आनंद मिला. फ़िल्म को लेकर भक्तों में बेहद उत्साह है.
फ़िल्म की कहानी सयुक्त रूप से श्री शरद सिंह ठाकुर और श्रीमती कनक चंद द्वारा बनाई गई है तो वही सयुक्त रूप से फिल्म की पटकथा और संवाद श्री शरद सिंह ठाकुर और डॉ कविता रायजादा लिखे गए हैं।
फ़िल्म के म्यूजिक डायरेक्टर अमेरिका के ग्रेमी अवॉर्ड नॉमिनी श्री जय उत्तल है तो वही गीतों को अपने सुरेले संगीत से भारत के प्रसिद्ध संगीतकार संगीत श्री आसिफ अली चंदवानी ने सजाया है। DOP श्री नारायण आर० दीक्षित होंगें।
बता दे कि निदेशक शरद सिंह ठाकुर की जरा संभल के,ग्रीन सिग्नल, डेथ ऑफ वाटर और अलाइव अन्य सभी फिल्मे पुरस्कार प्राप्त कर चुकी हैं। उन्होंने कई डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म और एड फिल्में बनाई हैं। वर्तमान में नागालैंड की 16 जनजातियों पर फ़िल्म बनाने वाले वह पहले व्यक्ति हैं।उन्होंने समाजिक विषयों को ही अपना आधार बनाया है।
वही उत्तराखंड राज्य में तीलू रौतेली राज्य पुरस्कार प्राप्त श्रीमती कनक चंद सामाजिक कार्यो हेतु 34 पुरस्कारों के साथ साथ 2 राज्य पुरस्कार प्राप्त कर चुकी है और समामाजिक कार्यो में सदा एक्टिव रहती हैं। साथ ही दो अन्य संस्थाओ की प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। वही डॉ कविता रायजादा द्वारा 11 इंटरनेशनल 60 नेशनल अवॉर्ड प्राप्त किये हैं उनका सदी में 100 महिलाओं में नाम आता है।

फ़िल्म के मीडिया को-आर्डिनेटर नरेश दीक्षित ने बताया कि फ़िल्म की शूटिंग की तैयारियां तेजी से चल रहीं हैं. निर्माता टीम की कोशिश है कि इस साल के अंत तक फ़िल्म की शूटिंग कर कार्य पूरा कर लिया जाये. उन्होंने बताया कि बाबाजी द्वारा स्थापित सभी आश्रम व मंदिरों में शूटिंग कराई जाएगी ताकि श्रद्धालु दर्शकों को फ़िल्म में साफ तौर पर वास्तविकता दिखाई दे.

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