स्वामी विवेकानन्द ने भारतीय संस्कृति, वेदांत और राष्ट्रचेतना को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित किया: डॉ प्रमोद कुमार
जौनपुर बी० आर० पी० इण्टर कालेज, के सभागार में स्वामी विवेकानन्द जी की जयन्ती पर संगोष्ठी व भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपने विचार प्रस्तुत किए। भाषण प्रतियोगिता में ‘आयुष तिवारी’ ने प्रथम तथा ‘अंजली निषाद’ ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं प्रधानाचार्य डॉ. प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने भारतीय संस्कृति, वेदांत और राष्ट्रचेतना को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित किया। 1863 में जन्मे स्वामी विवेकान, अपने गुरु रामकृष्ण परमहंस के सान्निध्य में आध्यात्मिक ऊँचाइयों तक पहुँचे और शिकागो में दिए गए ऐतिहासिक भाषण से भारत को वैश्विक पहचान दिलाई। युवाओं के लिए उनका संदेश- “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत” आज भी प्रेरणास्रोत है।
कार्यक्रम का आयोजन “मेरा युवा भारत” के तत्वावधान में हुआ। समन्वयक ‘विशाल सिंह’ ने अतिथियों का स्वागत किया। श्री राजीव श्रीवास्तव, श्री धर्मेंद्र यादव एवं श्री प्रकाश यादव की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। कार्यक्रम का संचालन श्री ऋषि श्रीवास्तव ने किया।
यह आयोजन विद्यार्थियों में नेतृत्व, आत्मविश्वास एवं राष्ट्रनिर्माण की भावना को प्रोत्साहित करने वाला रहा।

