अटल आवासीय विद्यालय, करसड़ा, वाराणसी में कक्षा-06 व 09 (सत्र 2026-27) में प्रवेश संबंधित सूचना

अटल आवासीय विद्यालय, करसड़ा, वाराणसी में कक्षा-06 व 09 (सत्र 2026-27) में प्रवेश संबंधित सूचना

सहायक श्रमायुक्त देवव्रत यादव ने अवगत कराया है कि उ०प्र० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित अटल आवासीय विद्यालय, करसड़ा, वाराणसी, के शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश हेतु उ०प्र० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अन्तर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों, कोविड-19 की महामारी के दौरान कोरोना से निराश्रित हुए बच्चों (महिला कल्याण विभाग लखनऊ से प्राप्त सूची के आधार पर) तथा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के लिये पात्र बच्चों को सामाज की मुख्य धारा से जोड़े जाने हेतु कक्षा- 06 में उपलब्ध कुल 160 सीट (80 बालक एवं 80 बालिकायें) व कक्षा-09 में उपलब्ध कुल 64 सीट (33 बालक एवं 31 बालिकायें) के लिए प्रवेश परीक्षा हेतु ऑनलाइन/ऑफलाइन आवेदन पत्र आमंत्रित किया जा रहा है।
प्रवेश परीक्षा की तिथि 22.02.2026 (संशोधित) को सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक निर्धारित है। आवेदन पत्र ऑनलाइन / ऑफलाइन माध्यम से दिनांक 01.01.2026 से अन्तिम तिथि 31.01. 2026 सायं 5.00 बजे तक जमा किये जा सकते है।
दिनांक 30.11.2025 को कम से कम 03 वर्ष बोर्ड की सदस्यता/पंजीकरण अवधि पूर्ण कर चुके अद्यतन नवीनीकृत निर्माण श्रमिकों के अधिकतम दो बच्चे, कोविड-19 से अनाथ हुए बच्चे जिनका महिला एवं बाल कल्याण विभाग में पंजीयन हो अथवा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) हेतु पात्र बच्चे, प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित होने/आवेदन करने के लिए पात्र होंगे। कक्षा-06 में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी की जन्म तिथि 01. 05.2014 से 31.07.2016 के मध्य तथा कक्षा-09 में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी की जन्म तिथि 01.05.2011 से 31. 07.2013 के मध्य होना आवश्यक है। ऑनलाइन आवेदन हेतु उम्मीदवार बोर्ड की बेबसाइट (UPBOCW.IN) के माध्यम से ऑनलाइन कर सकेंगे एवं NIC जौनपुर की वेबसाइट (Jaunpur.nic.in) पर भी आवेदन फार्म उपलब्ध है। ऑफलाइन आवेदन पत्र किसी भी सामान्य कार्य दिवस में प्रातः 10:00 बजे से सायं 05:00 बजे तक दिनांक 01.01.2026 से निःशुल्क कार्यालय सहायक श्रमायुक्त, जौनपुर से प्राप्त किए जा सकते हैं। पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र कार्यालय में दिनांक 31.01.2026 तक जमा किये जा सकते हैं। आवेदन हेतु निम्नलिखित अभिलेख आवश्यक होंगे 1. निर्माण श्रमिक होने की दशा में अद्यतन नवीनीकृत निर्माण श्रमिक कार्ड। राज्याश्रित होने की दशा में माता व पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र। 2. अभ्यर्थी के जन्म प्रमाण पत्र की प्रति। 3. अभ्यर्थी के आधार कार्ड की प्रति। 4. अभ्यर्थी (छात्र/छात्रा) का पेन न० (Personal Education Number (PEN) 5. जाति प्रमाण पत्र की प्रति। 6. तीन पासपोर्ट साइज की अद्यतन फोटो।
कक्षा-06 की प्रवेश परीक्षा में मानसिक क्षमता परीक्षण, अंकगणित परीक्षण, भाषा परीक्षण के 100 अंक के 80 प्रश्न एवं कक्षा- 09 हेतु अंग्रेजी, हिन्दी, गणित, विज्ञान के 100 अंक के प्रश्न पूछे जायेंगे, जिसमें उच्च प्राप्तांकों के अनुसार चयन मेरिट के आधार पर होगा। सभी वर्गों के लिये आरक्षण नियमानुसार लागू होगा।
प्रवेश से संबंधित किसी प्रकार की जानकारी या समस्या के निराकरण हेतु कार्यालय के फोन नंबर-05452-316105 पर एवं कार्यालय सहायक श्रमायुक्त, जौनपुर में किसी भी कार्य दिवस में सम्पर्क कर सकते हैं।
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जौनपुर, 14 जनवरी 2026 (सू0वि0) विज्ञप्ति संख्या-02

उत्तर प्रदेश पर्व- हमारी संस्कृति, हमारी पहचान

उत्तर प्रदेश के गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा को विश्व पटल पर अंकित करने और ग्रामीण व शहरी क्षेत्र की छिपी हुई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने हेतु जिला प्रशासन और जिला पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के समन्वय से संस्कृति उत्सव 2026 का भव्य आयोजन किया जाना है। प्रमुख आकर्षण- शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय संगीत, गायन, वादन और नृत्य की समृद्धि विधाएं, लोक संगीत एवं लोकनाट्य, आपके आंचल की पारंपरिक कलाओं का सम्मान।
मंच और पहचान- कलाकारों को योग्यता अनुसार उचित मंच और सम्मान।
परंपरा का संरक्षण- लुप्त होती विधाओं और संगीत विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास। अपनी कला प्रतिभा को नेपथ्य से बाहर लाएं और प्रदेश का मान बढ़ाएं।
प्रतियोगिता श्रेणी- आयु सीमा किशोर वर्ग 14 वर्ष से 20 वर्ष तक तथा युवा वर्ग 21 वर्ष से 25 वर्ष तक पंजीकरण एवं संपर्क https://upsanskriti.com/utsav-login तथा जिला सूचना कार्यालय दोनों माध्यम से स्वीकार्य।
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जौनपुर, 14 जनवरी 2026 (सू0वि0) विज्ञप्ति संख्या-03

जिलाधिकारी डा0 दिनेश चन्द्र ने समस्त जनपदवासियों को मकरसंक्रांति पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मकरसंक्रांति जैसा पर्व अत्यंत शुभ दिवस है। सनातन संस्कृति में मकर संक्रांति को दान-पुण्य का महापर्व माना गया है। वस्तुतः यह पर्व भगवान भास्कर यानी सूर्यदेव के उत्तरायण होने का प्रतीक है। चूंकि सनातनी शास्त्रों में उत्तरायण काल को देवताओं का समय कहा गया है, इसलिए इस अवधि में किए गए पुण्य कर्म अक्षय फल प्रदान करते हैं। इस प्रकार से मकर संक्रांति का दिन आत्म-शुद्धि, करुणा और सेवा भाव को जाग्रत करने का श्रेष्ठ अवसर है। इसलिये इस पावन तिथि पर सूर्यदेव की उपासना, स्नान, जप-तप और दान करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। मेरा मानना है कि मकर संक्रांति पर जनसेवा, समरसता और आत्मसंयम धारण करके सबकुछ पाया जा सकता है, क्योंकि समस्त दान कर्म, दया धर्म इसी से अभिप्रेरित होंगे।
जैसा किज शास्त्रों में कहा गया है कि “अन्नदान महादान है।“ चूंकि मकर संक्रांति के दिन किया गया दान कई गुना फल देता है। इसलिए मान्यता है कि इस दिन किया गया छोटा-सा दान भी व्यक्ति के कर्मों को शुद्ध कर उसे पुण्य और मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर करता है। विशेष रूप से तिल और गुड़ से बना भोजन दान करने से जीवन में शांति और समृद्धि का संचार होता है। सनातन परंपरा में इस पावन दिन पर अन्नदान को सर्वोत्तम सेवा माना गया है, क्योंकि भूखे को भोजन कराना स्वयं नारायण की सेवा के समान है। वैसे आप विद्या दान भी कर सकते हैं। आप जिस भी क्षेत्र में हैं, उसी में कल्याणकारी सेवा प्रदान करके मानव सभ्यता का उद्धार कर सकते हैं।

मकरसंक्रांति जैसा पर्व अत्यंत शुभ दिवस है। इस पावन पर्व पर सभी को ढेर सारी शुभकामनाएं। भगवान सूर्यदेव आपके जीवन में एक नई ऊर्जा, नई उमंग, साहस, शौर्य और पराक्रम का ऐसा भाव का उन्मेष करे जो सामाजिक समरसता, अहंकार, मोह, लोभ से त्याग और दान की प्रवृत्ति के माध्यम से समाजसेवा में करूणा और परोपकार की भावना को जागृत करने वाला हो। आप जानते हैं कि आज मकर संक्रांति का त्यौहार है। भगवान सूर्यदेव की आज उत्तरायण यात्रा शुरू हुई है और भगवान सूर्यदेव की उत्तरायण यात्रा सभी मांगलिक कार्यों के शुरुआत का एक प्रतीक बनकर हमारी भारतीय सनातन संस्कृति का एक ऐसा भाव जागृत करता है, जिसके आधार पर हम जनसेवा के प्रति, सामाजिक सेवा के प्रति और जो अधिकारी व कर्मचारी हैं, वह शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन के साथ अपने जीवन में पुण्य लाभ कमा सकते हैं।

मकर संक्रांति के आराध्य भगवान सूर्यदेव की महिमा ऋग्वेद में भी वर्णित है- “तरणिर्विश्वदर्शतो ज्योतिष्कृदसि सूर्य। विश्वमा भासि रोचनम्।।“ (ऋग्वेद, १/५०/४)। अर्थात ’’सम्पूर्ण संसार में एकमात्र दर्शनीय हैं सूर्यदेव! आप सभी साधकों का उद्धार करने वाले, प्रकाशक हैं तथा विशाल अंतरिक्ष को सभी ओर से प्रकाशित करते हैं।’’ आगे लिखा गया है- “प्रत्यङ् देवानां विशः प्रत्युद्देषि मानुषान् प्रत्यङ् विश्व स्वदृशे।।“ (ऋग्वेद, १/५०/५)। अर्थात “हे सूर्यदेव! आप नियमित रूप से मनुष्यों, देवताओं और मरूगणों के समक्ष उदय होते हैं, जिससे तीनों लोकों में निवास करने वाले आपके दर्शन कर सकें।“ ऐसे महान भगवान् सूर्यदेव ! आपको बारंबार प्रणाम है।

इसलिए आज का दिन अत्यंत शुभ और प्रेरणादायक है। आज हम अपनी इच्छानुसार दान करें। दान का तातपर्य केवल धन के दान से नहीं, अपितु अहंकार को छोड़ें, करूणा को अपनाएं, परोपकार को अपनाएं, माया मोह के इस जंजाल से मुक्ति पाकर जितना सम्भव हो सके, हम अपनी क्षमतानुसार वस्तु का भी दान करें। संपदा का भी दान करें, साथ ही साथ ऐसा कार्य करें जिससे कि हम सामाजिक समरसता के क्षेत्र में विभिन्न सोपानों को स्थापित कर सकें।

उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से हम अपने शासकीय कार्यों के प्रति निर्वहन करते हुए तमाम ऐसे कार्य कर सकते हैं जो करुणा और परोपकार की भावना से ओतप्रोत होंगे; जैसे कि वृद्धा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, विधवा पेंशन को स्वीकृति प्रदान करके उनके जीवन में नई खुशी लाएं। किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाकर, डिजिटल क्रॉप सर्वे करके, और लोकतंत्र के इस महापर्व में हम अपने शासकीय कार्यों के निर्वहन के साथ युवा मतदाताओं को मतदाता सूची में सम्मिलित करने के प्रयास के साथ हम मकरसंक्रांति के इस त्यौहार को मना सकते हैं।

वहीं, आयुष्मान कार्ड के माध्यम से हम उन ऐसे लोगों को स्वास्थ्य का लाभ दिला सकते हैं जो केंद्र सरकार की योजना के अंतर्गत है। और माननीय प्रधानमंत्री जी और माननीय मुख्यमंत्री जी के उस स्वप्न का एक दूरदर्शी संदेश है कि हमारा प्रत्येक नागरिक स्वस्थ हो, और पीड़ा के समय उसको शासकीय सुविधा का वह कवच प्राप्त हो, जो पांच लाख रुपये की धनराशि से आच्छादित है। कहना तो बहुत कुछ चाहता हूँ। मकरसंक्रांति के इस शुभ अवसर पर आप भगवान सूर्य को नमन करें और शनिदेव के उस भाव को आत्मसात करें, जो पुत्र और पिता के बीच अन्योन्याश्रित सम्बन्धों पर टिका हुआ है, जिसमें एक पिता अपने पुत्र के लिए क्या कर सकता है।

इसलिए तिल, गुड़ इत्यादि से बनी हुई मिठाइयों का दान करें। यथासंभव वस्त्रों का दान करें। अपने अहंकार का परित्याग करें, मोह का परित्याग करें और मकरसंक्रांति के इस पावन पर्व पर आप अपने जीवन में समरसता के लिए कार्य करें। और किसी भी व्यक्ति का अपनी वाणी, कर्म और वचन से अपमान न करें। उसकी भावना का सम्मान करें। सबसे बड़ा दान यही है कि अगर हम किसी की भावना का सम्मान करते हुए उसकी कुछ सहायता कर सकते हैं तो यह सबसे बड़ा दान है। आइए मिलकर हम इस दान को मकरसंक्रांति के इस पावन पर्व पर सनातन भारतीय संस्कृति के उस महत्वपूर्ण विषय पर जिसमें सूर्य भगवान की आज उत्तरायण में यात्रा शुरू हो रही है और मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो रही है, सभी को ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ मैं जिला मजिस्ट्रेट जौनपुर एक शेर के साथ आज की बात खत्म करना चाहूंगा-
मैंने चढ़ते सूरज ढलते देखे,
बुझते दीये जलते देखे,
हीरे का मोल कौन जाने,
मैंने खोंटे सिक्के चलते देखे।
लोकी कैंदी दाल न गलती,
प्रभु की कृपा से पत्थर गलते देखे,
जिन पुत्रों का कोई न होता,
हमने ऐसे पुत्तर पलते देखे।

आज सूर्य भगवान अपनी ऊष्मा से हम सबको आशीर्वाद दे रहे हैं, सूर्य भगवान के चरणों में नमन, प्रणाम और इस आशा व विश्वास के साथ कि हे सूर्य देव महाराज हम सदैव अच्छा कार्य करें, ऐसी शक्ति और प्रेरणा दें। शनिदेव महाराज की कृपा भी बनी रहे।। जय हिंद, जय भारत, सभी को ढेर सारी शुभकामनाएं।
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जौनपुर, 14 जनवरी 2026 (सू0वि0) विज्ञप्ति संख्या-04

जिलाधिकारी डा0 दिनेश चन्द्र के द्वारा विकास खंड रामनगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बर्राह का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य केन्द्र में मूलभूत सुविधाओं और चिकित्सकों की उपस्थिति के सम्बन्ध में जानकारी ली।
मौके पर फार्मासिस्ट उपस्थित मिले, जिनसे जिलाधिकारी ने दवाओं की उपलब्धता, एण्टी वेनम, एण्टी रैबीज की उपलब्धता, होम्योपैथिक दवाओं की उपलब्धता आदि के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान चिकित्सकों की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी से तैनात चिकित्सकों की रोस्टर की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि रोस्टरवार चिकित्सकों की ड्यूटी लगायी जाए और सभी चिकित्सकों को निर्देश दिया कि रोस्टर का कड़ाई से अनुपालन करना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देशित किया कि स्वास्थ्य केन्द्र पर होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक चिकित्सक भी उपस्थित रहे और आने वाले मरीजों को उचित चिकित्सकीय परामर्श और दवाएं उपलब्ध कराये।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी समय से उपस्थित होकर मरीजो का अच्छे से इलाज किया जाना सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी मडियाहॅू सहित अन्य उपस्थित रहे।
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