शादी के नाम पर ठगी, गिरोह सक्रिय जौनपुर में युवक से लाखों रुपये ऐंठे, फर्जी दुल्हन फरार चारा आरोपित गिरफ्तार
जौनपुर ,23 जनवरी ()। यूपी के जौनपुर में सरायख्वजा थाना अंतर्गत पुलिस ने फर्जी ,धोखे से शादी कराकर पैसो की ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले का शुक्रवार को खुलासा करते हुए क्षेत्राधिकारी सदर देवेश कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने आदमपुर मोड़ के पास से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान 32 हजार 500 रूपये नकद भी बरामद किये गये है। पुलिस ने ब्रिजेश कुमार गौतम निवासी कौड़िया थाना शाहगंज , आशु गौतम निवासी ख्म्हौरा थाना सरायख्वाजा ,रुक्सार निवासी मीरपुर थाना जलालपुर आंबेडकरनगर और काजल निवासी मियापुर थाना लाइन बाजार शामिल है। संभल निवासी एक युवक विनोद कुमार को फर्जी दुल्हन का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठे और फिर फरार हो गए। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को पकड़ा है, जिसने पूछताछ में पूरी वारदात का खुलासा किया है।
गिरोह का तरीका यह था कि वे अविवाहित पुरुषों के मोबाइल नंबर प्राप्त करते थे। फिर उनसे फोन पर संपर्क कर शादी का प्रस्ताव देते थे। इसके लिए वे अपनी ही सहयोगी लड़कियों की तस्वीरें भेजते थे और उन्हें शादी के लिए बुलाते थे। शादी के नाम पर खरीदारी कराते थे और पैसे ऐंठते थे।
मामले के अनुसार, गिरोह को संभल के टंकी मोहल्ला, थाना घिन्नौर कोतवाली निवासी विनोद कुमार पुत्र गजराम के बारे में जानकारी मिली। विनोद शादी के लिए लड़की की तलाश कर रहे थे। गिरोह ने उनके साले, जिनकी ससुराल बहाउद्दीनपुर, थाना सरायख्वाजा, जौनपुर में है, के माध्यम से विनोद से संपर्क साधा।
इसके बाद, गिरोह ने अपनी सहयोगी नेहा की तस्वीर भेजकर विनोद को शादी के लिए बुलाया। विनोद अपने साले के साथ मल्हनी बाजार पहुंचे, जहां गिरोह के सदस्यों ने उनसे शादी की खरीदारी और अन्य खर्चों के नाम पर पैसे मांगे। विनोद ने बताया कि उनका भाई पैसे भेजेगा। गिरोह विनोद को जन सेवा केंद्र ले गया, जहां स्कैनर के माध्यम से विनोद ने अपने भाइयों से पैसे मंगवाए।
पैसे मिलने के बाद, गिरोह ने वह रकम आपस में बांट ली और कुछ सामान खरीदे। इसके बाद नेहा और विनोद को मल्हनी के एक मंदिर में ले जाकर उनकी झूठी शादी करवाई गई। शादी के बाद, जब वे विनोद को ट्रेन पकड़वाने के लिए जौनपुर स्टेशन जा रहे थे, तो रास्ते में कुत्तूपुर के पास विनोद को पानी लेने के लिए भेजा गया। विनोद के जाते ही गिरोह नेहा को लेकर वहां से फरार हो गया।
पकड़े गए आरोपी ने बताया कि विनोद से मिली रकम उन्होंने खर्च कर दी थी। उसके पास से 32,500 रुपये बरामद हुए हैं, जबकि शेष पैसे सचिन और नेहा के पास होने की बात कही गई है। आरोपी ने स्वीकार किया कि उन्होंने पहले भी छतरपुर, अंबेडकर नगर और जौनपुर सहित कई स्थानों पर ऐसी कई घटनाओं को अंजाम दिया है।

