आज केंद्र सरकार का बजट जारी हुआ परंतु उसमें ना तो पेंशन व्यवस्था से संबंधित कोई भी जिक्र किया गया। ना ही *आठवे वेतन आयोग* से संबंधित बजट की बात की गईl उससे लगता है कि आठवें वेतन आयोग को इस वर्ष नहीं दिया जाना है । इसी प्रकार
असंगठित क्षेत्र,, मानदेय आउटसोर्सिंग आदि के कमजोर कर्मचारियों के लिए भी ईपीएफओ में पेंशन जो 12 वर्षों से 1000 से बढ़ाने तथा उनके न्यूनतम वेतन को बढ़ाने के लिए बजट में प्रावधान होना चाहिए था ।वह भी कहीं दिखाई नहीं पड़ा।
यदि आठवां वेतन आयोग आएगा निश्चित रूप से आयकर बढ़ोतरी की सीमा को बढ़ाने की बात की जाएगी जो मनसा के हिसाब से दिखाई नहीं पड़ रहा है ।
वरिष्ठ नागरिकों को रेलवे में सुविधा की मांग पूर्व से चली आ रही थी जो कोरोना काल में काटी गई थी उसे भी इसमें नहीं कराया गया है ।
कर्मचारी शिक्षकों की दृष्टि से यह बजट अच्छा नहीं कहा जा सकता है।
*हरि किशोर तिवारी*
प्रदेश अध्यक्ष
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद

