शीघ्र से शीघ्र दिव्यांग कार्यालय मे पात्र संस्था करे आवेदन – डीएम
(राजन तिवारी सिटी रिपोर्टर अयोध्या )
अयोध्या।प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर, शिक्षित और सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में निरंतर ठोस कदम उठा रही है।राज्य सरकार ने दिव्यांगजनों के पुनर्वासन को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से स्वैच्छिक संस्थाओं को अनुदान प्रदान करने के लिये आवेदन मांगे हैं।इस बात की जानकारी देते हुए डीएम निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया पात्र संस्था जिला दिव्यांग जन सशक्तिकरण करण कार्यालय मे 4 फरवरी तक आवेदन कर सकते हैं।यह योजना दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के तहत संचालित है जिसके अंतर्गत परिभाषित 21 प्रकार की दिव्यांगताओं को कवर किया गया है। हालांकि, मानसिक मंदित एवं मानसिक रूप से रुग्ण दिव्यांगजनों को इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है।योजना का उद्देश्य दिव्यांगजनों को शिक्षा, प्रशिक्षण और पुनर्वासन के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा स्वैच्छिक संगठनों को निम्नलिखित सात परियोजनाओं/कार्यक्रमों के संचालन हेतु सहायता अनुदान प्रदान किया जाएगा।इनमें अर्ली इंटरवेंशन सेंटर, डे-केयर सेंटर/प्री-प्राइमरी स्कूल, प्राइमरी स्कूल स्तर के विशेष विद्यालयों का संचालन,जूनियर हाईस्कूल स्तर तक के विद्यालयों का संचालन, हाईस्कूल स्तर तक के विशेष विद्यालयों का संचालन, कौशल विकास कार्यक्रम (न्यूनतम दो एवं अधिकतम चार ट्रेड) तथा पाठ्य सामग्री विकास एवं पुस्तकालयों का संचालन शामिल है। इन परियोजनाओं के माध्यम से दिव्यांग बच्चों एवं युवाओं को प्रारंभिक देखभाल, शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।पात्र संस्था दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के अंतर्गत पंजीकृत वे स्वैच्छिक संगठन,जिन्हें संबंधित क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव है तथा जो शासन द्वारा निर्धारित पात्रता शर्तों को पूर्ण करते हैं।बताया कि इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने के पात्र होंगे।योजना से संबंधित कार्यकारी आदेश, दिशा-निर्देश एवं आवेदन पत्र का प्रारूप दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट http://uphwd.gov.in से प्राप्त किया जा सकता है।इसके पश्चात जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी चंद्रेश त्रिपाठी द्वारा प्रस्तावों को डीएम कार्यालय की संस्तुति के साथ 05 फरवरी 2026 तक निदेशालय को प्रेषित किया जाएगा।बताया कि प्रदेश सरकार की यह योजना दिव्यांगजनों के शैक्षिक, सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। स्वैच्छिक संस्थाएं समयबद्ध एवं गुणवत्ता पूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत करें, जिससे पात्र दिव्यांगजनों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके। जिला प्रशासन पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगा।बताया कि योगी सरकार की यह पहल स्वैच्छिक संगठनों के माध्यम से जमीनी स्तर पर दिव्यांगजनों तक सुविधाएं पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगी।शिक्षा, कौशल विकास और पुनर्वासन से जुड़ी यह योजना दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाकर समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है
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