गाजियाबाद में साइबर क्राइम पुलिस टीम ने फर्जी शेयर ट्रेडिंग ऐप से ₹3.39 करोड़ की ठगी का किया खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार

ब्यूरो चीफ/सत्य प्रकाश उपाध्याय
गाजियाबाद : गाजियाबाद साइबर क्राइम पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर देशभर में फैले एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने फर्जी शेयर ट्रेडिंग ऐप और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में कुल ₹3 करोड़ 39 लाख की ठगी की। कार्रवाई के दौरान एक युवक को गिरफ्तार कर ₹9.5 लाख की राशि बरामद की गई है, जो गाजियाबाद के एक मामले से संबंधित है।
सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) अमित सक्सेना ने बताया कि राजनगर एक्सटेंशन निवासी शिवराज सिंह यादव को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से शेयर ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का लालच दिया गया था। ठगों ने उनसे फर्जी शेयर ट्रेडिंग ऐप ‘ASK MIN’ पर अकाउंट खुलवाया और निवेश के नाम पर अलग-अलग खातों में ₹1.11 करोड़ ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद ठगों ने संपर्क तोड़ दिया। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने मोहम्मद नदीम (23) को खोड़ा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपी मूल रूप से गाजियाबाद का रहने वाला है और हाल में दिल्ली के शाहदरा इलाके में रह रहा था। उसके कब्जे से ₹9.5 लाख नकद और वारदात में इस्तेमाल किया गया एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे अंकित और अरुण नाम के दो व्यक्तियों ने गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए साइबर ठगी से जोड़ा था। उनके निर्देश पर उसने ‘देव लॉजिस्टिक’ नाम से एक फर्जी फर्म बनाकर आईडीएफसी बैंक में चालू खाता खुलवाया। खाते की चेकबुक, एटीएम और इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी मुख्य आरोपियों के पास रहती थी, जबकि उसे केवल ओटीपी साझा करने के बदले खाते में आने वाली रकम का 5 प्रतिशत कमीशन मिलता था।
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने उत्तर प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, गुजरात और तमिलनाडु में कुल सात साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया है। इनमें ठाणे, पुणे, तिरुपति, भावनगर और चेन्नई के पीड़ित शामिल हैं। संबंधित राज्यों की पुलिस से समन्वय कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

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