भाईदापाड़ा–नायगांव रोड की बदहाली से बढ़ी परेशानी, जलभराव और प्रदूषण से स्थानीय लोग त्रस्त
देश की उपासना समाचार पत्र
मुम्बई ब्यूरो चीफ़ धनन्जय विश्वकर्मा
मुंबई /वसई पूर्व,
मुंबई से सटे क्षेत्र वसई विरार महानगर पालिका के भाईदापाड़ा इलाके में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। वहीं भाईदापाड़ा से नायगांव रोड की जर्जर स्थिति स्थानीय नागरिकों और हजारों मजदूरों के लिए गंभीर समस्या बन चुकी है। क्षेत्र की मौजूदा दयनीय हालत प्रशासनिक उदासीनता की ओर संकेत करती है।
राजाबली मार्ग स्थित सनातन गौ आश्रम के पास पिछले कई दिनों से सड़क पर गहरा गड्ढा बना हुआ है। बताया जा रहा है कि बीएमसी की टूटी पाइपलाइन से लगातार पानी रिसाव हो रहा है, जिससे वहां स्थायी जलभराव की स्थिति बन गई है। सड़क पर जमा पानी और कीचड़ के कारण राहगीरों, वाहन चालकों और दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन लाखों मजदूर और कामकाजी लोग आवागमन करते हैं, बावजूद इसके समस्या के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। जलभराव के कारण न केवल यातायात प्रभावित हो रहा है, बल्कि इससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ रहे हैं।
क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद संबंधित विभाग और के जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या मजदूर बहुल क्षेत्र होने के कारण यहां की समस्याओं को प्राथमिकता नहीं दी जा रही, या फिर प्रशासन की पहुंच से यह इलाका दूर है।
स्थानीय नागरिकों ने तत्काल सड़क मरम्मत, पाइपलाइन की दुरुस्ती और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था की मांग की है, ताकि आमजन को राहत मिल सके और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

