अयोध्या। वर्तमान समय में जहां एक और हमारा पूरा देश कोरोना वायरस जैसे खतरनाक महामारी की चपेट मे है।इस संक्रमण के चलते जहां लाखों लोग देश व प्रदेश के सभी अस्पतालों के अंदर व बाहर भर्ती हैं लेकिन उसके बावजूद भी उन्हें उस तरीके की सुविधा नहीं मिल पा रही है जिस तरीके की मिलनी चाहिए।यहाँ तक कि कोरोना संक्रमण जैसी महामारी की चपेट में आकर हजारों लोगों की मृत्यु हो रही है। परंतु इस पर केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ-साथ शासन प्रशासन चिकित्सक चाहे कितने ही दावे क्यों न करें लेकिन कोरोना संक्रमण पर काबू नहीं हो रहा है।इस संबंध में नवभारत चेतना न्यूज़ चैनल व देश की उपासना हिंदी समाचार पत्र के ब्यूरो चीफ राजेश श्रीवास्तव ने जनपद अयोध्या के अमानीगंज स्थित अमर हॉस्पिटल के जाने-माने प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ अरविंद खरे से सुझाव लिया। मालूम हो कि जाने-माने प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ अरविंद खरे आयुर्वेदिक एवं आधुनिक चिकित्सा पद्धति के स्नातक हैं।जो मिश्रित चिकित्सा प्रणाली से विगत 32 वर्षों से जनमानस को इस चिकित्सा का लाभ दे रहे हैं। डॉ अरविंद खरे पिछले वर्ष कोरोना महामारी से लेकर अब तक कई कोविड-19 संक्रमित मरीजों को ऑनलाइन सफलतापूर्वक चिकित्सा देते चले आ रहे हैं।उन्होंने नवभारत चेतना न्यूज़ चैनल व देश की उपासना हिंदी समाचार पत्र के माध्यम से केंद्र व राज्य सरकार के साथ-साथ शासन प्रशासन को सुझाव दिया है कि इस समय पूरा देश कोरोना संक्रमण जैसे घातक महामारी की चपेट में है।पिछले साल की अपेक्षा इस बार इस महामारी का रूप और भी विकराल होता जा रहा है उन्होंने बताया कि आज देश में कोरोना संक्रमित मरीजों के सापेक्ष हमारे देश में चिकित्सकों के साथ-साथ ना तो उतना अस्पताल उपलब्ध है और ना ही संसाधन।इस समस्या पर उन्होंने कहा इसके लिए सरकार को कोराना से संक्रमित मरीजों को चार श्रेणी में बांटना चाहिए।पहली श्रेणी में उन मरीजों को वरीयता देनी चाहिए जिनकी हालात इस संक्रमण के चलते काफी दयनीय है।उनको इलाज के लिए देश में बने कोविड-19 सेंटर यानी कि कोविड-19 अस्पतालों में भेजा जाए।जहां पर उनका समय रहते इलाज किया जा सके और मृत्यु से बचाया जा सके।वहीं दूसरी तरफ दूसरे मरीजों को जिनका पहले मरीज मरीज से दशा कुछ ठीक हो उनको होम आइसोलेशन रखना चाहिए और उनका इलाज घर पर ही हो।इन सभी का इलाज सभी पैथी से जुड़े चिकित्सकों द्वारा किया जाना चाहिए।इसी तरह अन्य दो तीसरे और चौथे श्रेणी में आने वाले मरीजों का भी इलाज करना चाहिए।इस संबंध में डॉ अरविंद खरे ने बताया इससे भारी संख्या मे अस्पताल की तरफ पलायन कर मरीजो पर अंकुश लगेगी और साथ ही साथ कोरोना संक्रमित सभी लोगों का इलाज भी आराम से हो सकेगा।इसके अलावा लोगों को काल के मुंह से बचाया भी जा सकता है।डॉ अरविंद खरे ने यह बात स्वीकार किया कि इस समय भारत की जनसंख्या के सापेक्ष हमारे देश में अस्पताल चिकित्सक और इससे जुड़े अनेक संसाधन उतने उपलब्ध नहीं है जितने कि होने चाहिए।इसके लिए सरकार को सभी पैथी से जुड़े चिकित्सक चाहे वह एलोपैथिक हो या फिर होम्योपैथिक,आयुर्वेदिक या फिर आयुष से जुड़े ही चिकित्सक क्यों ना हो।इन सभी चिकित्सकों का योगदान इस समय सरकार को मरीजों के इलाज के लिए लेनी चाहिए।उन्होंने बताया कि जब हमारे देश में किसी सेना के कैंप पर जब दुश्मन आक्रमण करता है तब उस समय का कैंप को बचाने के लिए या सेना के जवानों को बचाने के लिए सिर्फ सेना के जवान ही नहीं बल्कि रसोईया स्वीपर पर यहां तक कि वहां पर कार्य करने वाले सभी लोग हाथ में बंदूक उठाकर दुश्मन से डटकर मुकाबला करते हैं।वही दशा आज इस समय हमारे देश में कोरोना वायरस की महामारी से निपटने के लिए हो गई है।हमें इस समय आपसी भेदभाव भूलकर या कौन किस पैथी से जुड़ा है,सरकार को यह चाहिए कि सभी पैथी से जुड़े चिकित्सकों से कोरोना संक्रमण से संक्रमित मरीजों का इलाज करने का आदेश जारी करें।जिससे कि सभी पैथी से जुड़े चिकित्सक अपने अपने पैथी के माध्यम से कोरोना संक्रमित मरीजों को बचा सकें।उन्होंने ज्यादा कुछ ना कहते यह भी कहा कि इस समय हमारा देश बहुत ही बड़ी महामारी से जूझ रहा है। इसके लिए जहां एक ओर केंद्र सरकार राज्य सरकार शासन प्रशासन चिकित्सक पुलिस सफाई कर्मी सहित अन्य लोग कोरोना संक्रमण जैसी महामारी से लोगो को बचाने का डटकर मुकाबला कर रहे हैं वहीं आम जनमानस के लोगों से भी उन्होंने अपील किया कि आप लोग भी हमारा सहयोग करेंसरकार का करें शासन प्रशासन का करें चिकित्सक का करें।क्योंकि क्योंकि इस समय यह महामारी ऐसी फैली हुई है कि अगर जो भी चपेट में आ गया तो फिर उसका जीना बड़ा ही मुश्किल हो रहा है।इसलिए उन्होंने लोगों से हाथ जोड़ कर अपील किया कि आप लोग भी कोविड-19 नियम का पालन करते हुए जब जरूरत हो तभी घर से निकले कोरोना के कुछ सिम्टम्स दिखे तो तुरंत चिकित्सक से ऑनलाइन सलाह लें और उनके बताए हुए दवाओं का इस्तेमाल करें।

