प्रयागराज : गांव की सरकार के मुखिया यानि प्रधानों के जरिए कोरोना संक्रमण पर काबू पाने की तैयारी की जा रही है। इसी लिहाज से शुक्रवार को गंगापार के बहादुरपुर विकास खंड परिसर में नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों की बैठक बुलाई गई। बैठक के जरिए कोरोना संक्रमण से बचाव के तरीके भी प्रधानों को बताए गए लेकिन इस दौरान कोरोना की सरकारी गाइड लाइनों की भी जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। बैठक के दौरान सोशल डिस्टेसिंग का भी ध्यान नहीं रखा गया। विभिन्न ग्रामसभाओं के प्रधान एक-दूसरे के अगल-बगल बैठे हुए पाए गए।
बैठक के जरिए प्रधानों को बताया गया कि गांव में किस तरह से बाहर से आने वाले लोगों के बारे में सूचना देनी है, स्कूल और पंचायत भवन में उन्हें किसी तरह से क्वारंटीन कराना है। इसके साथ ही किस तरह से निगरानी समिति का हिस्सा बनते हुए गांवों में दवाएं वितरित करानी है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन दिनों नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान जश्न मना रहे हैं। विकास खंड की 66 ग्रामसभाओं पर ध्यान दिया जाए तो ज्यादातर ग्रामसभाओं में नए ग्राम प्रधानों की ताजपोशी हुई है।
इसमें भी ज्यादातर ग्रामसभाओं में युवाओं के हाथ गांव की कमान आई है। इनको अभी ग्राम पंचायत के संचालन की पूरी जानकारी भी नहीं है। पूर्व में 12 मई को ग्राम प्रधानों का शपथ ग्रहण समारोह होना था लेकिन कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण इसे टाल दिया गया। गांव में प्रधान अहम कड़ी होती है। ऐसे में गांव-गांव कोरोना संक्रमित मरीजों का तलाशना प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने पांच मई से पांच दिन गांव-गांव में एलटी टीमों को लगाकर कोरोना की जांच कराने का अभियान चलाया था।
इस समिति में आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम चौकीदार और कोटेदार शामिल थे लेकिन कोरोना संक्रमण के मरीजों को तलाशने में कुछ खास सफलता नहीं मिल पाई। ऐसे में अब ग्राम प्रधानों के जरिए कोरोना संक्रमितों को तलाशने की कवायद शुरु की गई है। शुक्रवार को बहादुरपुर ब्लॉक में ग्राम प्रधानों की बुलाई गई बैठक में कोरोना को लेकर जारी की गई गाइड लाइनों की पूरी तरह धज्जियां उड़ाई गईं। ब्लाक परिसर के हॉल में हुई बैठक में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रखा गया। ज्यादातर ग्राम प्रधानों ने मास्क भी नहीं लगा रखा था। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर गांवों में इनके भरोसे कोरोना संक्रमितों की पड़ताल कैसे संभव होगी।

