गोरखपुर डी के यू हिंदी दैनिक अक्षय विश्वकर्मा की रिपोर्ट
गोरखपुर वासियों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। आने वाले समय में पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश में ऑक्सीजन की मांग को गोरखपुर पूरा करने लगेगा। आज जहां रोजाना 2000 से 2500 ऑक्सीजन सिलिंडर की मांग है, वहीं उत्पादन करीब 5500 रोजाना का हो चुका है। अन्नपूर्णा ऑक्सीजन प्लांट में भी रोजाना 1500 ऑक्सीजन सिलिंडर का उत्पाद हो रहा है। वहीं गोरखपुर जिले में कई कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लगाने की प्रक्रिया चल रही है, ऐसे में गोरखपुर के उत्पादन से पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश में कभी ऑक्सीजन की किल्लत नहीं रह जाएगी। कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की सर्वाधिक मांग अस्पतालों में भर्ती और होम आइसोलेशन के मरीजों में रही।अप्रैल के दूसरे सप्ताह में गोरखपुर में प्रतिदिन दो हजार सिलेंडर ऑक्सीजन की उपलब्धता हो पा रही थी। तब गीडा की दो फैक्टरियों मोदी केमिकल्स और आरके ऑक्सीजन में ही उत्पादन हो पा रहा था।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ऑक्सीजन उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रशासन ने गीडा में बंद पड़ी फैक्टरी अन्नपूर्णा एयर गैसेज को शुरू करा दिया है। वर्तमान में मोदी केमिकल्स के दो तथा आरके ऑक्सीजन व अन्नपूर्णा एयर गैसेज के एक-एक प्लांट में कुल उत्पादन की क्षमता अप्रैल से बढ़कर प्रतिदिन 7000 सिलिंडर हो गया है।
कोविड नियंत्रण कार्य में ऑक्सीजन प्रभारी की भूमिका निभा रहे डॉ. मुस्तफा खान बताते हैं कि जिले में करीब एक सप्ताह से ऑक्सीजन का उत्पादन मांग से दो गुना है। औसतन दो हजार से पच्चीस सौ जंबो सिलिंडर के आसपास की डिमांड बनी हुई है जबकि उत्पादन औसतन पचपन सौ जंबो सिलिंडर का है।

