अयोध्या।(राजेश श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ) जिले में कानून व्यवस्था पूरी तरह पटरी से नीचे उतर गयी है।रक्षक ही भक्षक बनकर लूट पाट में लिप्त हैं।आरोप के मुताबिक थाना यातना का केंद्र बन गया हैं।पुलिस जमीन विवाद में हस्तक्षेप करके रिश्वत की उगाही करने में लिप्त हो चुकी है।जी हाँ यही है अयोध्या जनपद के पुलिस की वास्तविक स्थित रौनाही थाने में मेडिकल स्टोर चालक से 180000/-लूटने वाले पुलिस कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया परंतु पैसा वापस नहीं किया गया।इनायत नगर थाना क्षेत्र के पी आर बी 0939 के आरक्षी रमेश चंद्र पटेल ने शनि पंडित से 11400रूपये छीन लिया शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अयोध्या समेत सूबे के जिम्मेदार अधिकारियों से पंजीकृत डाक से की गयी न पैसा वापस मिला न ही कोई प्रभावी कार्रवाई हुई। आलम यह है कि वही आरक्षी कुचेरा मोड़ पर बैठ कर लकड़ी ठेकेदारों से 1500/-रूपये पेड़ वसूली कर रहा है।कोरोना संक्रमण काल में जब सरकार मानव जीवन की सुरक्षा के लिए आकसीजन प्लांट को लेकर चिंतित हो एक वर्दी में छिपे अपराधी के द्वारा हरे प्रतिबंधित पेड़ काटने वाले लकड़ी ठेकेदार से अबैध वसूली करके पेड़ काटने की अनुमति देना कितना उचित है? वन रेंज कुमार गंज के द्वारा पिछले छ:माह में लकड़ी ठेकेदारों से की गयी जुर्माना वसूली व इनायत नगर पुलिस की जी डी का मिलान कर लिया जाए तो एक भी मुकदमा 4/10वन संरक्षण अधिनियम का नहीं मिलेगा जबकि जुर्माना की रकम तीन लाख से अधिक होगी पुलिस ने मुकदमा इस लिए नहीं लिखा कयोकि रिश्वत के तौर पर लाखों रूपये मिल चुकी है । आलम यह है कि इनायत नगर थाना में 395का मुकदमा रिश्वत लेकर 151मे तब्दील कर दिया जाता है तथा अपराधी को थाने में ले जाकर वसूली करके छोड़ दिया जाता है ।जिले की हालत यह हो चुकी है कि नागरिकों को अब पुलिस से खतरा है न कि अपराधी से।

