उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा जागरूकता सप्ताह के अवसर पर ‘#PleaseGrowUp’ (प्लीज़ग्रोअप) नाम से फिजिटल सड़क सुरक्षा कैंपेन शुरू किया

*उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा जागरूकता सप्ताह के अवसर पर ‘#PleaseGrowUp’ (प्लीज़ग्रोअप) नाम से फिजिटल सड़क सुरक्षा कैंपेन शुरू किया
इंदौर रानू वाजपेई

*लखनऊ, जनवरी, 2026:* भारत में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली अधिकांश मौतों का मुख्य कारण मानवीय भूल है। इसे देखते हुए उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने #PleaseGrowUp (प्लीज़ग्रोअप) नाम से एक ‘फिजिटल’ (डिजिटल + फिजिकल) सड़क सुरक्षा जागरूकता कैंपेन शुरू किया है। इस कैंपेन का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के सबसे अनदेखे कारणों में से एक- सड़क पर अपरिपक्व और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार पर ध्यान केंद्रित करना है।
अक्सर सड़क दुर्घटनाओं का दोष बुनियादी ढाँचे या यांत्रिक विफलता पर मढ़ दिया जाता है, जबकि हकीकत में अधिकांश मौतें टाले जा सकने वाले मानवीय व्यवहार जैसे कि तेज रफ्तार, सिग्नल तोड़ना, गाड़ी चलाते समय ध्यान भटकना, नशे में गाड़ी चलाना और बुनियादी सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं। इस कैंपेन का इरादा रोजमर्रा की ड्राइविंग आदतों को आईना दिखाकर आत्म-चिंतन और जवाबदेही को प्रोत्साहित करना है।
#PleaseGrowUp (प्लीज़ग्रोअप) के माध्यम से, उज्जीवन बैंक सड़क की लापरवाही को उसके वास्तविक स्वरूप में पेश करता है, जो न तो बहादुरी है, न ही कूल है और न ही वयस्कों वाला व्यवहार है, बल्कि पूरी तरह से बचकाना है। यह कैंपेन व्यंग्य और दृश्यात्मक विषमता का उपयोग करता है, जिसमें गैर-जिम्मेदाराना ड्राइविंग व्यवहार को ‘बेबी टॉक’ (बच्चों जैसी भाषा) और बच्चों वाली कल्पनाओं के जरिए दिखाया गया है। यह रचनात्मक दृष्टिकोण इस तरह से तैयार किया गया है कि लापरवाही भरा व्यवहार सार्वजनिक सड़कों पर उतना ही अनुचित और अजीब लगे जितना कि वह वास्तव में है। शॉर्ट-फॉर्म वीडियो, डिजिटल सामग्री और सोशल मीडिया कहानियों के माध्यम से फैला यह कैंपेन दिखाता है कि कैसे एक लापरवाह निर्णय निर्दोष लोगों के लिए जीवन बदलने वाले गंभीर परिणाम ला सकता है। कैंपेन का हर हिस्सा एक ही सरल सत्य पर जोर देता है, जब आप सड़क के नियम तोड़ते हैं, तो आप एक बच्चे की तरह व्यवहार कर रहे होते हैं और अब सुधरने का समय आ गया है।
व्यापक सड़क सुरक्षा पहल के हिस्से के रूप में, उज्जीवन बैंक नागरिक और यातायात अधिकारियों के सहयोग से इस सप्ताह कई शहरों में उच्च-प्रभाव वाली ऑन-ग्राउंड गतिविधियाँ कर रहा है। बेंगलुरु में हेलमेट के आकार की एक पूरी तरह से ब्रांडेड ‘लाइफ-साइज़ हेलमेट मोबाइल वैन’ अधिक ट्रैफिक वाले स्थानों पर रोड शो करेगी, ताकि हेलमेट के उपयोग को बढ़ावा दिया जा सके। कोलकाता में सार्वजनिक घोषणा प्रणाली (पीए सिस्टम) और कैंपेन के क्रिएटिव से लैस एक ब्रांडेड मोबाइल कैंटर शहर के प्रमुख ट्रैफिक हॉटस्पॉट पर सक्रिय रहेगा। कैंपेन का विस्तार अहमदाबाद में एसजी हाईवे के एक प्रमुख जंक्शन और पुणे के खराडी ट्रैफिक जंक्शन तक किया जाएगा, जिससे जिम्मेदार सड़क व्यवहार और सामुदायिक सुरक्षा का संदेश राष्ट्रव्यापी स्तर पर मजबूत हो सके।
कैंपेन पर टिप्पणी करते हुए, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के मुख्य विपणन अधिकारी (सीएमओ) श्री लक्ष्मण वेलायुथम ने कहा, “सड़क सुरक्षा संदेश अक्सर लोगों तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुँच पाते, क्योंकि समय के साथ असुरक्षित व्यवहार को सामान्य मान लिया गया है। #PleaseGrowUp (प्लीज़ग्रोअप) पहल के साथ, हम एक नया और रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहते थे, जो लोगों को रुकने और अपने कार्यों पर विचार करने के लिए प्रेरित करे। एक जिम्मेदार बैंक के रूप में, समुदाय का कल्याण केवल वित्तीय समावेशन तक सीमित नहीं है, इसमें आत्म-जागरूकता और जिम्मेदार नागरिक होना भी शामिल है।”

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