भ्रष्टाचार के आरोप में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुशील कुमार बनियान अयोध्या हटे
अयोध्या।रुदौली विधायक रामचंद्र यादव से पंगा लेना मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुशील कुमार को काफी महंगा पड़ गया।वहीं कुचेरा बाजार स्थित निदान चिकित्सा केंद्र के संचालक डॉक्टर अरविंद खरे का मामला मुख्यमंत्री के पोर्टल और आयुष पदाधिकारियों के बीच तक गया था। कुछ मामलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बनियान और आयुष पदाधिकारी के बीच नियम कानून को भी लेकर कहा सुनी हुई थी जिसको लेकर इसकी शिकायत वे सभी मुख्यमंत्री पोर्टल और स्वास्थ्य विभाग महानिदेशक को भी किए थे जिसका नतीजा यह रहा की रुदौली विधानसभा विधायक रामचंद्र यादव के साथ-साथ 12 घंटे में अस्पताल सील और बीच में ही कुछ ही चंद्र घंटे में अस्पताल खुला जाना एक भ्रष्टाचार को दर्शाते हुए नजर आई आखिरकार इनका तबादला स्वास्थ्य महानिदेशक का परिवार कल्याण लखनऊ के लिए हो गया।बताते चले कि जिलाधिकारी अयोध्या ने अपने पत्र दिनांक 01.01.2026 के माध्यम से शासन को अवगत कराया था कि आम जनमानस, जनप्रतिनिधि एवं इलेक्ट्रॉनिक,सोशल मीडिया के पत्रकारों के माध्यम से मुख्य चिकित्सा अधिकारी की कार्यशैली के संबंध में शिकायतें मिल रही थी स्थानीय आईएमए शाखा भी इनकी कार्यशैली से क्षुब्ध है एवं प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने भी इनकी शिकायत की थी। अयोध्या जनपद में लगातार इनकी भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने के दौरान जिलाधिकारी निखिल टी. फुंडे ने डॉ० बनियान का अन्यत्र जगह स्थानांतरण करने के हेतु अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य को पत्र लिखा था इस संदर्भ में अपर मुख्य सचिव द्वारा मंडलायुक्त अयोध्या मंडल से जिलाधिकारी अयोध्या के पत्र के उल्लेखित पत्रों के संबंध में वार्ता की गई मंडलायुक्त द्वारा भी इन शिकायतों की पुष्टि की गई अपर मुख्य सचिव अमित घोष द्वारा तत्काल प्रभाव डॉ. सुशील कुमार बनियान मुख्य चिकित्सा अधिकारी का हटाने की संस्तुति की गई अतः माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा निर्णय लेते हुये इनको हटाने की संस्तुति की गई इनको हटाकर संयुक्त निदेशक महानिदेशालय परिवार कल्याण लखनऊ में तैनात किया गया है।

