ब्यूरो प्रमुख
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
चाइनीज मांझे का कहर जारी है अधिवक्ता चपेट में गर्दन पर गंभीर चोट हॉस्पिटल में भर्ती
जौनपुर ,23 जनवरी। यूपी के जौनपुर में चाइनीज मांझे का कहर जारी है। शुक्रवार सुबह सद्भावना पुल पर चाइनीज मांझे की चपेट में आने से एक सरकारी अधिवक्ता गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
भंडारी स्टेशन निवासी पूर्व शासकीय अधिवक्ता हरीश चंद्र मौर्या सुबह करीब 10 बजे अपनी बाइक से दीवानी न्यायालय जा रहे थे। सद्भावना पुल के पास अचानक मांझा उनके गले में फंस गया, जिससे उनकी गर्दन की चमड़ी कट गई और खून बहने लगा। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
जिला प्रशासन द्वारा चाइनीज मांझे की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद, दुकानदार बेखौफ होकर इसे बेच रहे हैं, जिसके कारण ऐसी जानलेवा घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
इससे पहले, 14 जनवरी को केराकत निवासी डॉ. समीर हाशमी की चाइनीज मांझे की चपेट में आने से मौत हो गई थी। वे अपना काम निपटाकर जिले से केराकत स्थित अपने क्लिनिक जा रहे थे, तभी प्रसाद तिराहे के पास मांझा उनके गले में फंस गया और उनकी गर्दन कटने से उनकी जान चली गई।
इसी तरह, 10 दिसंबर को शिक्षक संदीप तिवारी भी अपनी बेटी को स्कूल छोड़कर घर लौट रहे थे। शाही पुल के पास अचानक चाइनीज मांझा उनकी गर्दन में फंस गया, जिससे उनकी गर्दन कट गई और उनकी भी मौत हो गई थी।
इस संबंध में जानकारी लेने पर क्षेत्राधिकारी सदर देवेश कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच पड़ताल की जा रही है मांझा प्रतिबंधित है।

