यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आवाहन पर सभी सरकारी बैंको के साथ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारी एवं कर्मचारी द्वारा पांच दिवसीय बैंकिंग की मांगों के समर्थन में एक दिवसीय हड़ताल किया गया
देश की उपासना ब्यूरो
जौनपुर:यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तयूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले सभी सरकारी बैंक के अधिकारी एवं कर्मचारी पांच दिवसीय बैंकिंग की मांगों को लेकर इक दिवसीय हड़तालले सभी सरकारी बैंक के अधिकारी एवं कर्मचारी पांच दिवसीय बैंकिंग की मांगों को लेकर इक दिवसीय हड़ताल पर हैं। Rbi,lic,nabard,sebi आदि सरकारी संस्थान सप्ताह में पांच दिन ही कार्य करते हैं ।बैंकों के वेतनमान एवं अन्य भत्तों के लिए सरकार ने जो इंडियन बैंक एसोसिएशन बनाया है उसने 2023 में ही सरकार को पांच दिवसीय बैंकिंग जारी करने के लिए लिखित में दे दिया है किंतु इस पर सरकार का रवैया अभी तक गोल मोल ही रहा है। बैंक में दूसरे और चौथे शनिवार बैंक बंद रहते हैं। बैंककर्मी समस्त सरकारी योजनाओं को चाहे नोट बंदी हो या किसी भी प्रकार का लोन कार्यक्रम हो उसे पूरी मेहनत के साथ पूर्ण करते हैं। पर उन्हें उनके हक से वंचित रखा जा रहा है। पांच दिवसीय बैंकिंग से बैंक कर्मचारी अपने वर्क लाइफ बैलेंस को संतुलित रख पाएंगे और अधिक ऊर्जा से कार्य करने में सक्षम होंगें । सरकार से हमारा अनुरोध है कि शीघ्र अति शीघ्र पांच दिवसीय बैंकिंग की घोषणा की जाए। जब सभी केंद्रीय संस्थान पांच दिन कार्य करते हैं तो बैंकों को इससे वंचित क्यों रखा जा रहा। हड़ताल को टालने के लिए बाईस और तेईस जनवरी को बैंक यूनियन और वित्त मंत्रालय के मध्य मुख्य श्रमायुक्त की अध्यक्षता में बैठक की गई किंतु वो भी बेनतीजा ही रही।बैंक कर्मचारी अपने कार्य दिवस को भी प्रतिदिन चालीस मिनिट बढ़ाने को तैयार हैं किंतु तब भी सरकार इस पर मूक बनी हुई है जिससे बैंक के लोगों
में असंतोष व्याप्त है। आज की हड़ताल स्टेट बैंक मुख्य शाखा के सामने किया गया जिसमें सहायक उप महामंत्री भारतीय स्टेट बैंक स्टाफ एसोसिएशन वाराणसी परिक्षेत्र इन्द्र कथूरिया,क्षेत्रीय सचिव स्टेट बैंक स्टाफ एसोसिएशन सौरभ उपाध्याय एवं कर्मचारी गीतिका प्रिया,शिवांगी,रौनक,सोनम,पंकज,सुदीप,अमरेश आदि बहुत से लोग शामिल रहे।

