भारतीय संविधान हमें अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराता है: प्रो वंदना सिंह
पूर्वांचल विश्वविद्यालय में गरिमामय ढंग से मनाया गया गणतंत्र दिवस, शोध में उत्कृष्ट शिक्षकों को मिला सम्मान
जौनपुर, । यूपी के जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में सोमवार को गणतंत्र दिवस समारोह पूरे हर्षोल्लास एवं गरिमा के साथ मनाया गया। विश्वविद्यालय के मुक्तांगन में कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेटों तथा पूर्व सैनिक सुरक्षा कर्मियों ने तिरंगे को सलामी दी।
समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने स्वतंत्रता सेनानियों एवं संविधान निर्माताओं को नमन किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान हमें अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराता है। गणतंत्र की रक्षा करना, उसका सम्मान बनाए रखना और उसे सुदृढ़ करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक एवं संवैधानिक दायित्व है।
कुलपति ने कहा कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय देश के अग्रणी उच्च शिक्षण संस्थानों में निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि के पीछे शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थियों का सामूहिक परिश्रम, समर्पण और निष्ठा निहित है। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र के प्रति जागरूक, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक के रूप में आगे बढ़ रहे हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय में पहली बार आयोजित एनसीसी कैंप को उन्होंने गर्व का विषय बताया। साथ ही 23 जनवरी से आयोजित चार दिवसीय उत्तर प्रदेश दिवस समारोह का भी विधिवत समापन किया गया।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय की शोध एवं नवाचार प्रोत्साहन नीति के अंतर्गत उत्कृष्ट शोध कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। रसायन विज्ञान विभाग, रज्जू भैया संस्थान के डॉ. दिनेश कुमार वर्मा को उच्च गुणवत्ता वाले शोध प्रकाशनों के लिए सम्मानित किया गया। वहीं भू एवं ग्रहीय विज्ञान विभाग के डॉ. श्याम कन्हैया तथा भौतिक विज्ञान विभाग, इंजीनियरिंग संस्थान के डॉ. मनीष प्रताप सिंह को शोध परियोजना स्वीकृत होने पर सम्मान प्रदान किया गया। नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के डॉ. धीरेंद्र कुमार चौधरी को शोध उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश दिवस समारोह के सफल आयोजन में योगदान देने वाले शिक्षकों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव केशलाल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

