पिंकी माली का जान समाज की अपूरणीय क्षति: पप्पू माली
जौनपुर यूपी के जौनपुर में केराकत कोतवाली क्षेत्र के भैसा गांव में शोक का माहौल है।महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के साथ प्लेन क्रैश में बुधवार को यूपी के जौनपुर की पिंकी माली की भी मौत हो गई। वह प्लेन में केबिन क्रू थीं। पिंकी माली मूल रूप से जौनपुर की रहने वाली थीं। उनके पिता शिव कुमार माली महाराष्ट्र में शिवसेना नेता हैं। पिंकी की पढ़ाई-लिखाई मुंबई के ठाणे से हुई थी।
पिंकी का मूल निवास जिला मुख्यालय से 50 किमी दूर केराकत तहसील के भैंसा गांव में घर है। गांव के रहने वाले अशोक सिंह ने बताया- पिंकी के पिता का गांव से गहरा जुड़ाव था। वह हर साल गांव में दुर्गा पूजा करवाते हैं। डेढ़ साल पहले ही गांव आए थे। पिंकी का एक भाई करन और एक बहन प्रीति हैं। हम लोगों को टीवी से हादसे का पता चला। गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।पिंकी माली 29 साल की थीं और वरली के सेंचुरी क्वार्टर में रहती थीं।
पिंकी की शादी भी हो चुकी है। परिवार के सभी लोग मुंबई में रहते हैं।पिंकी के चचेरे भाई कृष्णा माली ने बताया कि उनके पिता शिव कुमार माली ने बताया कि पिंकी बहुत खुश थीं और उन्होंने कहा था कि फ्लाइट में जाऊंगी तो आपकी बात अजित पवार से कराऊंगी। उनके भाई करन ने बताया कि सुबह कॉल पर पिंकी ने कहा था कि वह वह बारामती से नांदेड़ जा रही हैं। उसके बाद उनका कोई मैसेज नहीं आया।पिंकी की जाने का गम जनपद में हर किसी को है वही माली समाज से ताल्लुक रखते हुए उनके पिता को लोग बहुत ही मिलनसार और पिंकी की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं।
अपना दल एस के राष्ट्रीय सचिव माली समाज के नेता पप्पू माली ने बताया कि आज पिंकी का जाना हमारे समाज के लिय अपूरणीय क्षति है।उनके पिता से हम लोगों का गहरा संबंध है वो साल में एक दो बार गांव आया जाया करते थे।वो लगभग गांव से 25 साल पहले रोजी रोटी के सिलसले में मुम्बई गए थे।काफी कठिन परिश्रम करके उन्होंने अपने परिवार को आज इस मुकाम तक पहुंचाया था।हमको सुबह सोशल मीडिया से जानकारी मिली तो हम लोग बहुत दुखी हैं पूरा माली समाज इस होनहार बेटी के जाने से दुःखी है।हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि बेटी की आत्मा को शांति प्रदान करे और हमारे मित्र शिव कुमार जी को दुःख सहने की शक्ति प्रदान क
रे।

