वैश्विक शोध जगत में भारतीय अकादमिक की सशक्त उपस्थिति

 

*वैश्विक शोध जगत में भारतीय अकादमिक की सशक्त उपस्थिति : उत्कृष्ट योगदान हेतु प्रो. भरत राज सिंह को एल्सेवियर जर्नल्स का औपचारिक सम्मान*

 

लखनऊ | 01 फरवरी 2026

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित शैक्षणिक प्रकाशन संस्था एल्सेवियर जर्नल्स ने वर्ष 2025 के दौरान वैश्विक शोध समुदाय को सुदृढ़ बनाने में किए गए उल्लेखनीय पीयर-रिव्यू योगदान के लिए *वरिष्ठ शिक्षाविद् एवं शोधकर्ता प्रो. भरत राज सिंह, महानिदेशक, स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट साइंसेज, लखनऊ* के प्रति औपचारिक आभार व्यक्त किया है।

 

एल्सेवियर जर्नल्स लीडरशिप टीम द्वारा भेजे गए प्रशस्ति-पत्र में कहा गया है कि प्रो. भरत राज सिंह द्वारा प्रदत्त समय, गहन अकादमिक विवेक और विशेषज्ञ मूल्यांकन ने प्रकाशित शोध की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और वैज्ञानिक दिशा को मजबूत करने में निर्णायक भूमिका निभाई है।

 

पत्र में यह भी रेखांकित किया गया कि पीयर-रिव्यू सुदृढ़, नैतिक और प्रभावी शोध की आधारशिला है। प्रो. सिंह जैसे समर्पित समीक्षकों की अंतर्दृष्टि और बौद्धिक प्रतिबद्धता ही शोध समुदाय को आगे बढ़ाती है और नवाचार को विश्वसनीय आधार प्रदान करती है। यद्यपि यह कार्य प्रायः पर्दे के पीछे संपन्न होता है, किंतु इसका प्रभाव दूरगामी और स्थायी होता है।

 

*एल्सेवियर जर्नल्स की प्रबंध निदेशक (मैनेजिंग डायरेक्टर) लॉरा हैसिंक ने अपने संदेश में कहा कि*-

“प्रो. भरत राज सिंह का योगदान यह सुनिश्चित करता है कि प्रकाशित शोध कठोर अकादमिक मानकों पर खरा उतरे और जिन समुदायों की यह सेवा करता है, उनके लिए वास्तविक रूप से मूल्यवान सिद्ध हो।”

 

एल्सेवियर ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्ष 2026 की ओर बढ़ते हुए संस्था पीयर-रिव्यू अनुभव को और अधिक सशक्त, पारदर्शी और समीक्षक-केंद्रित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अंतर्गत स्पष्ट मार्गदर्शन, अधिक प्रासंगिक आमंत्रण तथा समीक्षकों के योगदान को औपचारिक मान्यता देने की पहल को प्राथमिकता दी जाएगी।

 

*प्रो. भरत राज सिंह का यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया योगदान न केवल भारतीय अकादमिक जगत के लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह युवा शोधकर्ताओं के लिए भी प्रेरणा है कि अकादमिक ईमानदारी, बौद्धिक निष्पक्षता और समर्पण से ही ज्ञान की प्र

गति संभव है*।

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