पश्चिम बंगाल : बीरभूम ज़िले के पैकर ब्लॉक अंतर्गत रुद्रनगर ग्राम पंचायत सो,नातला श्मशान काली टोला में स्थापित अत्यंत प्राचीन माँ काली के मंदिर को सामाजिक कार्यकर्ता एवं लोकसेवक मानस चक्रवर्ती द्वारा सफ़ल प्रयास से किया गया संरक्षित

पश्चिम बंगाल : बीरभूम ज़िले के पैकर ब्लॉक अंतर्गत रुद्रनगर ग्राम पंचायत सो,नातला श्मशान काली टोला में स्थापित अत्यंत प्राचीन माँ काली के मंदिर को सामाजिक कार्यकर्ता एवं लोकसेवक मानस चक्रवर्ती द्वारा सफ़ल प्रयास से किया गया संरक्षित
ब्यूरो चीफ आलोक बनर्जी ,पश्चिम बंगाल।

पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले के मुरारोई–2 प्रखंड के पैकर ब्लॉक अंतर्गत रुद्रनगर ग्राम पंचायत के रुद्रनगर ग्राम में सोनातला श्मशान काली टोला में माँ काली का एक अत्यंत प्राचीन मंदिर स्थापित है। माँ काली की सेवा और पूजा के लिए लगभग 11 बीघा भूमि पर माँ विराजमान हैं। इस भूमि में खेती योग्य जमीन के साथ-साथ एक बड़ा तालाब भी है। उस तालाब में अनेक प्रकार की मछलियाँ पाई जाती हैं और दूर दूर से अनेक पक्षी आकर विहार करते है, तथा वहीं माँ काली की पूजा-पाठ संपन्न होती है।
कई वर्ष पहले इस स्थान पर अतिरिक्त भूमि क्षेत्र में लगभग पाँच वर्ष तक की आयु के बच्चों का निधन होने पर उन्हें दफनाया जाता था तथा कुछ लोगों का दाह-संस्कार भी यहीं किया जाता था। वर्तमान समय में यहाँ दाह-संस्कार नहीं होता है। हर वर्ष मां काली की नित्य पूजा के साथ यहाँ बहुत भव्य पूजा का आयोजन किया जाता है और उसी समय 3–4 हज़ार लोगों को पूरे दिन प्रसाद वितरित किया जाता है।

इतना अधिक धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व होने के बावजूद कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार ने हिंदुओं की आस्था को नज़रअंदाज़ करते हुए एक विशेष समुदाय के कुछ सरकारी लाभार्थी और लालची लोगों के नाम पर इस भूमि का सरकारी पट्टा जारी कर दिया था। इसके बाद उस विशेष समुदाय के कुछ लोगों ने इस भूमि पर अवैध कब्ज़ा करना शुरू कर दिया, जिससे इलाके में तनाव फैल गया। सरकार के इस कदम का सभी ने विरोध किया।

कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार के इस हिंदू-विरोधी फैसले के खिलाफ कम्युनिस्ट पार्टी के कुछ अच्छे लोग, कांग्रेस पार्टी के कुछ अच्छे लोग, तृणमूल कांग्रेस पार्टी के कुछ अच्छे लोग, भाजपा के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग—सभी ने मिलकर एक स्वर में विरोध किया। इस आंदोलन में उस क्षेत्र के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और भाजपा के होनहार प्रत्याशी व लोकसेवक मानस चक्रवर्ती द्वारा ज़ोरदार नेतृत्व करते हुए सबको एकजुट किया गया और सोनातला के श्मशान काली माँ की भूमि की रक्षा किया।

लेकिन उस समय से लेकर आज तक सरकार ने इस भूमि की स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया है। आज भी मानस चक्रवर्ती के नेतृत्व में स्थानीय लोग मिलकर माँ की भूमि की रक्षा कर रहे हैं। जब इस भूमि को लेकर विरोध आंदोलन शुरू हुआ था, तब उस समय के स्थानीय प्रशासन ने कुछ हद तक सहयोग किया था। आज भी कुछ सरकारी संरक्षण प्राप्त बदमाश और शरारती तत्व इस भूमि पर कब्ज़ा करने की कोशिश करते रहते हैं।

इसी कारण मानस चक्रवर्ती ने सभी से माँ की भूमि की रक्षा के लिए सहायता और समर्थन की अपील किया है और बंगाल सरकार से अनुरोध किया गया है कि इस देवी मंदिर के भूमि को सुरक्षित करें

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