सील दुकान में युवती के कैद होने का आरोप नगर आयुक्त ने बताया गलत
अयोध्या।नगर निगम ने मोहल्ला फतेहगंज में गृह एवं जलकर के बकाएदार स्वर्गीय बेचन राम की दुकान (भवन संख्या 06/20/25) के सील करने के दौरान युवती के कैद होने के आरोप को बेबुनियाद बताया है और आशंका जताई है कि नगर निगम को बदनाम करने की साजिश के तहत युवती को बाद में पीछे के रास्ते से दुकान में ले जाया गया था।नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने सील दुकान में युवती के कैद होने के आरोप पर स्पष्ट किया कि स्वर्गीय बेचन राम पर 90,800 गृह एवं जलकर के रूप में बकाया था, जिसकी वसूली के लिए 29 जून 2025 को बकाया बिल भेजा गया। बिल भुगतान न होने पर 17 नवंबर 2025 को डिमांड नोटिस जारी की गई, जो उन्हें 25 नवंबर 2025 को तामील कराया गया। इसके बाद क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक देवीप्रसाद द्वारा कई बार टैक्स जमा करने के लिए व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया गया।
बकाया न जमा होने पर कुर्की की कार्रवाई के लिए 17 जनवरी 2026 को समाचार पत्र में सार्वजनिक नोटिस प्रकाशित कराई गई। इसके बाद भी बकाया न जमा करने पर चार फरवरी 2026 को कुर्की के लिए नगर निगम की टीम क्षेत्रीय पुलिस बल एवं प्रवर्तन दस्ता के साथ लगभग1:30 बजे दोपहर नियत स्थल पर पहुंची।
उन्होंने बताया कि दूकान सील करने की कार्रवाई के दौरान फतेहगंज चौकी प्रभारी दो महिला पुलिस कर्मी के साथ मौजूद थे।उन्होंने दुकान के भीतर की जांच भी की थी। इस दौरान बेचन राम की वारिशों में से दो लोगों संतोष कुमार एवं बैजनाथ ने अपना-अपना बकाया धनराशि 30-30 हजार रुपये जमा कर दिए और उन्हें इसकी रसीद भी दे दी गई, किंतु तीसरे वारिस रिंकू गुप्ता ने बकाया कर देने से इनकार करते हुए विवाद किया और दुकान सील करने को कहा। नगर आयुक्त ने बताया कि दुकान सील करने की कार्रवाई पूरी तरह से जांचोपरांत की गई। नगर निगम के पास दुकान सील करने की कार्रवाई के दौरान का वीडियो उपलब्ध है, जिसमें युवती को बाहर करते साफ देखा जा सकता है। नगर निगम की टीम के लौटने के छह घंटे बाद खड्यंत्र के तहत जानबूझकर लड़की के कैद होने का तथ्य संज्ञान में लाया गया। नगर निगम कोतवाली पुलिस को जांच के लिए पत्र लिखा है। पत्र में आशंका जताई गई है कि पीछे के रास्ते से युवती को दोबारा मकान में ले जाया गया
था।

