संपूर्ण समाधान दिवस पर 129 शिकायते प्राप्त मौके पर 04 का त्वरित निस्तारण
जौनपुर, 07 फरवरी। जिलाधिकारी डा0 दिनेश चन्द्र की अध्यक्षता में तहसील मछलीशहर के सभागार में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया।
संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी के द्वारा शिकायतों को गम्भीरतापूर्वक सुनते हुए निस्तारित किया गया और अवशेष को सम्बन्धित अधिकारियों को अग्रसारित करते हुए गुणवत्तापूर्ण और ससमय निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।
ग्राम घिसुआं की दुलारी देवी के द्वारा प्रार्थना पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया कि प्रार्थी के पति जीवित है और गांव में एक ही नाम के दो व्यक्ति होने के कारण उन्हे मृतक दिखाकर वरासत दूसरे के नाम कर दी गयी है जिस पर जिलाधिकारी के द्वारा तहसीलदार को निर्देशित किया कि शीघ्र अति शीघ्र जांचकर त्रुटि का निस्तारण करते अवगत कराये।
ग्राम गडवादोदक निवासिनी फातमा बेगम ने प्रार्थना पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी से नये राशन कार्ड बनाये जाने का अनुरोध किया जिस पर जिलाधिकारी के द्वारा पूर्ति निरीक्षक को निर्देशित किया गया कि पात्रता की जांच करते हुए राशन कार्ड बनाया जाना सुनिश्चित करें।
चकघसीटा के त्रिभुवन के द्वारा प्रार्थना पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया कि बेदखली के आदेश के बावजूद अभी तक तालाब खाते की भूमि से अतिक्रमण नही हटाया गया, जिसके क्रम में जिलाधिकारी के द्वारा उपजिलाधिकारी को निर्देश दिया गया कि शिकायत का शीघ्र निस्तारण कर अवगत कराये।
घिसुआं निवासी रेखा द्वारा वारासत दर्ज न किये जाने के सम्बन्ध में अवगत कराया गया जिसपर जिलाधिकारी ने राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को शीघ्र वरासत दर्ज करने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी के समक्ष कुल 129 शिकायते प्राप्त हुई जिसपर मौके पर 04 का त्वरित निस्तारण कर दिया गया और शेष को सम्बन्धित अधिकारियों को निस्तारण हेतु निर्देश दिया गया।
इसके उपरान्त जिलाधिकारी के द्वारा तहसील स्थित विभिन्न कार्यालयों और पटलों का निरीक्षण किया गया। न्यायालय उप जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान लम्बित पुरानी पत्रावलियों का अवलोकन करते हुए शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिये गये। दाखिल दफ्तर हेतु लंबित पत्रावलियों के सम्बन्ध में जानकारी लेते हुए निर्देशित किया कि जो फाइलें अभी भी अवशेष है उनमें ससमय दाखिल दफ्तर की कार्यवाही पूर्ण कर ली जाए। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों के रख रखाव से सम्बन्धित जानकारी प्राप्त की गई। संग्रह कार्यालय और रिकार्ड रुम के निरीक्षण के दौरान लम्बित पत्रावलियों, आनलाइन आरसी, स्टाम्प रजिस्टर, म्यूटेशन, दाखिल खारिज, खसरा, खतौनी सहित अन्य अभिलेखों का अवलोकन किया गया और जानकारी ली गयी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।
इस दौरान जिलाधिकारी के समक्ष मछलीशहर के अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों के द्वारा तहसील परिसर में शौचालय बनवाने हेतु और साफ-सफाई हेतु अनुरोध किया गया जिस पर जिलाधिकारी के द्वारा ईओ को निर्देशित किया गया कि तहसील परिसर में नियमित रूप से साफ सफाई कराया जाना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही परिसर में बने पिंक शौचालय को क्रियाशील करने और एक नवीन शौचालय बनवाने हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये।
इस दौरान जिलाधिकारी के द्वारा वृद्ध फरियादी विद्यावती द्वारा पेंशन हेतु अनुरोध किया गया जिसपर जिलाधिकारी द्वारा सम्बन्धित अधिकारी को तत्काल पेंशन हेतु पात्रता की जॉचकर अग्रेतर कार्यवाही करने के निर्देश देने के साथ ही अन्य वृद्धजन में कम्बल भी वितरित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी मछलीशहर सौरभ कुमार, तहसीलदार, क्षेत्राधिकारी प्रतिमा वर्मा, उपनिदेशक कृषि, डीडीओ, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 ओे0पी0 श्रीवास्तव सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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विकसित भारत अभियान के तहत कुष्ठ रोग उन्मूलन हेतु जनपद ने लिया संकल्प
जौनपुर 07 फरवरी जिलाधिकारी डॉ0 दिनेश चंद्र के नेतृत्व में जनपद में विकसित भारत अभियान के अंतर्गत कुष्ठ रोग उन्मूलन को लेकर व्यापक जागरूकता एवं संकल्प कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं , जिसके क्रम में उन्होंने जनपद वासियों को संकल्प दिलाते हुए कहा है कि जनपद के लोग और जिला प्रशासन “विकसित भारत अभियान“ के अवसर पर यह घोषणा करते हैं कि हम अपने जनपद को कुष्ठ रोग से मुक्त बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोडेगें। कुष्ठ रोग को पहचानना बहुत आसान है और यह साध्य है। हम सभी कुष्ठ रोगियों को जितनी जल्दी हो सके खोजने के लिए हर संम्भव प्रयास करेगें। हम इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जिले में उपलब्ध सभी संसाधनों का उपयोग करेगें। इसके साथ हम कुष्ठ प्रभावित व्यक्ति से कोई भेदभाव नहीं करेगें और न ही किसी दूसरे व्यक्ति को कुष्ठ रोग प्रभावित व्यक्ति और उनके परिवार के सदस्यों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव करने देगें। हम व्यक्तिगत एवं सामूहिक रूप से कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों से जुडे कलंक और भेदभाव को समाप्त करने और उनको समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए अपना पूर्ण योगदान देगें। इसके साथ ही प्रतिज्ञा दिलायी कि हम सभी कलंक एवं भेदभाव के प्रति शून्य सहिष्णुता के लिये “भेदभाव समाप्त कर गरिमा सुनिश्चित करेंगे।

