सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा
जौनपुर, 12 फरवरी। यूपी के जौनपुर में सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों (एसपीईएस) ने नियोक्ताओं पर अनुचित श्रम प्रथाओं और श्रम कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की गई।
कर्मचारियों का कहना है कि प्रशासनिक कार्रवाई के अभाव में उन्हें अवैध स्थानांतरण, काम से वंचित करने तथा सेवा समाप्ति जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नियोक्ता कथित रूप से मनगढ़ंत आरोप लगाकर वेतन और यात्रा भत्ते का भुगतान रोक रहे हैं।
संगठन के सचिव अजय चौरसिया ने बताया कि कई नियोक्ता बिक्री संवर्धन कर्मचारी (सेवा की शर्तें) अधिनियम, 1976 तथा अन्य श्रम कानूनों का पालन नहीं कर रहे हैं। कर्मचारियों को धमकाने और अपमानित करने के साथ ही यूनियन गतिविधियों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। विरोध करने पर कुछ मामलों में झूठी पुलिस शिकायतें दर्ज कराने का भी आरोप लगाया गया है।
कर्मचारियों ने मांग की है कि चारों नई श्रम संहिताओं को निरस्त कर पूर्ववर्ती श्रम कानूनों को प्रभावी रूप से लागू रखा जाए। साथ ही निश्चित अवधि रोजगार (फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट) के तहत सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों की नियुक्ति पर रोक लगाने, बिना कारण छंटनी एवं स्थानांतरण पर प्रतिबंध लगाने और समय से पूर्ण वेतन व भत्तों का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
इसके अतिरिक्त, बिक्री संवर्धन कर्मचारी अधिनियम, 1976 एवं संबंधित नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा एफएमआरएआई से विचार-विमर्श के बाद अधिनियम के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्य नियम बनाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई न होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

