जिलाधिकारी डॉ० दिनेश चंद्र के द्वारा कार्यालय खण्ड विकास अधिकारी मछलीशहर का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।
जिलाधिकारी ने कार्यालय में विभिन्न पटलों का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिया कि पत्रावलियों का उचित ढंग से रख-रखाव किया जाए। उन्होने पाया कि कार्यालय में स्वच्छता एवं सुव्यवस्थित कार्य प्रणाली पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिस पर उन्होंने खंड विकास अधिकारी के कार्यो की सराहना करते हुए कहा कि परिसर को सुंदर एवं आदर्श ब्लॉक के रूप में विकसित करने का प्रयास अत्यंत सराहनीय है।
उन्होने परिसर में स्थित निस्प्रयोज्य भवनों का भी अवलोकन करते हुए निर्देशित किया कि संबंधित निस्प्रयोज्य भवनों के ध्वस्तीकरण/निस्तारण की कार्यवाही नियमानुसार शीघ्र पूर्ण कराई जाए तथा तत्पश्चात नीलामी की प्रक्रिया संपन्न कर उक्त भूमि का उपयोग अन्य जनोपयोगी प्रयोजनों हेतु सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने बताया कि कार्यालय खण्ड विकास अधिकारी में प्रस्तावित सभागार के निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है और ही यह विकासखंड आकांक्षात्मक ब्लॉक के अंतर्गत चयनित है, इसलिए आकांक्षात्मक ब्लॉक के निर्धारित पैरामीटरों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य किए जाने हेतु खंड विकास अधिकारी को निर्देशित भी किया गया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आधारभूत संरचना एवं आजीविका संवर्धन से संबंधित मानकों में उल्लेखनीय प्रगति सुनिश्चित की जाए।
उन्होने महिलाओं के सशक्तिकरण के उद्देश्य से संचालित “प्रेरणा कैंटीन” का भी अवलोकन किया। उन्होंने कैंटीन की स्वच्छता एवं सुव्यवस्थित संचालन की प्रशंसा की तथा वहां तैयार की गई चाय का स्वाद भी लिया। उन्होंने कहा कि मा0 प्रधानमंत्री जी एवं मा0 मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार संचालित इस प्रकार की पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं का ग्रामीण विकास में योगदान सराहनीय है, जो भविष्य में गांवों को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जिलाधिकारी ने विकासखंड के कार्यों को संतोषजनक बताते हुए आवश्यक बिंदुओं पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सौरभ कुमार, अतिरिक्त उपजिलाधिकारी सुनील भारती बीडीओ अंजलि भारती सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

