जिलाधिकारी डॉ० दिनेश चंद्र ने उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सिद्धिकपुर में बैठक कर निर्माण कार्यों की प्रगति एवं लंबित समस्याओं की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में प्रधानाचार्य ने अवगत कराया कि कार्यदायी संस्था द्वारा भवन का कार्य अभी पूर्ण नहीं कराया गया है, जिससे अस्पताल का संचालन प्रारंभ नहीं हो पा रहा है।
परियोजना प्रबंधक (सिविल एवं विद्युत) द्वारा धनाभाव का हवाला दिए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि लगभग धनराशि शासनादेशों के माध्यम से उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड को भुगतान की जा चुकी है।
जिलाधिकारी ने लगभग पूर्ण भुगतान के उपरांत भी निर्माण कार्यों में शिथिलता बरतने पर उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड (सिविल एवं विद्युत इकाई) के जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी एवं प्रधानाचार्य को दिए।
सेंट्रल एसी एवं सबस्टेशन के हैंडओवर के संबंध में प्रधानाचार्य ने स्पष्ट किया कि कार्य पूर्ण न होने की स्थिति में हस्तांतरण संभव नहीं है। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, उ०प्र० पावर कॉरपोरेशन एवं प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग, जौनपुर को संयुक्त भौतिक निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परियोजना को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप शीघ्र पूर्ण कर जनपदवासियों को समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक में प्राचार्य डॉ. आर.बी. कमल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अधिशासी अभियंता वी.के. सिंह, अवर अभियंता लोक निर्माण विभाग ए.के. सिंह, परियोजना प्रबंधक एस.के. यादव, अनुराग कुमार सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

