
ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ। वृंदावन की पावन धरती से पधारे व्यासपीठ पर विराजमान आचार्य पवन कृष्ण जी महाराज के मुखारविंद से भगवान श्री कृष्ण जी के कई मन भावक कथाएं,प्रभु की लीला, सुदामा चरित्र, रुक्मणी विवाह, और कैसे भगवान की 16108 रानियां, पटरानी हुई। इस बारे में महाराज ने विस्तार से वर्णन किया एवं कई सांस्कृतिक एवं पुराणिक जीवन सुधारक बातें बताई गई और व्यासपीठ से महाराज जी ने सभी से आग्रह किया है कि सभी अपने-अपने जीवन में श्रीमद् भागवत कथा द्वारा बताई गई जीवन सुधारक बातों को अपने जीवन में उतारें और जीवन को कृतार्थ करें एवं राधे राधे के जयकारे के साथ भगवान के कई मन भावक भजन, गीतो से सभी श्रोता जन झूम उठे एवं व्यासपीठ से आचार्य पवन कृष्ण महाराज ने कहा कि बहुत ही सौभाग्य की बात होती है जिनको श्रीमद् भागवत कथा सुनने का शुअवसर प्राप्त होता है l
अंत में व्यास विदाई एवं आरती के बाद व्यासपीठ से आचार्य पवन कृष्ण महाराज ने इस कथा के आयोजक राकेश यादव,लक्ष्मी यादव एवं उनके समस्त परिवार
मनोज मिश्रा, नंदिनी मिश्रा, मिन्नी मिश्रा, गिरधारीलाल शुक्ला धन्यवाद ज्ञापित किया और कथा विश्राम हुई l
इस आयोजन में आचार्य पवन कृष्ण जी महाराज के साथ,आचार्य रघुवीर पाठक,निर्मल मिश्रा,देवेंद्र पांडेय,अनूप वर्मा,कीबोर्ड प्लेयर बबलू गुप्ता,नाल वादक विकास सिंह,पैड वादक राज ,जापक अनील
साउंड संचालक भारत एंड इंडिया एस एस ग्रुप सहभागिता रही।

