सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। मंदिरों के शहर जम्मू में सावन के पहले सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शिवालयों में जलाभिषेक किया।
जम्मू शहर के प्रसिद्ध रण्बीरेश्वर मंदिर से लेकर तवी किनारे पीरखोह एवं रूपनगर स्थित आपशंभु मंदिर में सुबह तड़के ही भक्त पहुंचना शुरू हो गए। इस माह में भगवान शिव की विशेष रूप से पूजा-आराधना करने का विधान होता है। सावन का महीना भगवान भोले को सबसे ज्यादा प्रिय माना जाता है।

ऐसी मान्यता है कि इस माह जो भी भक्त शिव उपासना करता है उसकी सभी तरह की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। श्रावण माह में बेलपत्र, भांग और धतूरा से पूजा करना और जल चढ़ाना बहुत ही फलदायी और शुभ होता है। सावन के महीने में सोमवार व्रत और गंगा स्नान करने का महत्व होता है।

जम्मू में में सुबह चार बजे से ही मन्दिरों के कपाट खुल गए। भगवान के दर्शन के लिए लोगों ने लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार किया। मन्दिरों को फूलों और लड़ियों से सजाया गया था। इस दौरान आम से लेकर खास तक ने दर्शन किए।

इस बार सावन माह में चार सोमवार व्रत
इस साल सावन का पवित्र महीना 29 दिनों तक चलेगा। इसमें चार सोमवार व्रत पड़ेंगे। इन चार सोमवार में व्रत रखते हुए विशेष रूप से भगवान शिव की पूजा की जाएगी। सावन का पहला सोमवार 18 जुलाई को, सावन का दूसरा सोमवार 25 जुलाई को, तीसरा सावन सोमवार 01 अगस्त को पड़ेगा और अंतिम सावन सोमवार 08 अगस्त को पड़ेगा।

बताया जा रहा है कि भगवान शिव की पूजा सावन सोमवार के दिन करने पर मनुष्य की कुंडली में अशुभ ग्रहों का प्रभाव कम होगा और भोलेनाथ की विशेष कृपा बनी रहेगी। शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही शहद, घी, शक्कर, पंचामृत से अभिषेक करें। शुद्ध स्नान कराकर वस्त्र धारण करवाएं एवं यज्ञोपवीत पहनाएं।

वहीं, सोमवार को जम्मू स्थित भगवती नगर यात्री निवास से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में अमरनाथ यात्रियों का 19वां जत्था पहलगाम और बालटाल के लिए रवाना हुआ। जम्मू में रेलवे स्टेशन के पास वैष्णवी धाम, पंचायत भवन और महाजन हॉल शालामार में तीर्थ यात्रियों का तत्काल पंजीकरण किया जा रहा है।

