वैदिक ज्योतिष के अनुसार सभी नौ ग्रह एक नियमित और निश्चित अंतराल पर हर माह अपनी राशि बदलते हैं। इस क्रम में जून का महीना ग्रहों के राशि परिवर्तन के लिहाज से बहुत ही खास रहने वाला है। जून माह में कई महत्वपूर्ण और बड़े ग्रहों का राशि परिवर्तन होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब-जब ग्रहों का राशि परिवर्तन होता है तो इसका व्यापक असर सभी राशियों के जातकों पर पड़ता है। जून के महीने में 5 प्रमुख ग्रहों का राशि परिवर्तन देखने को मिलेगा। ऐसे में कुछ राशियों के लिए इन ग्रहों का परिवर्तन बहुत ही शुभ रहने वाला होगा। आइए जानते हैं जून के महीने में कब-कब और किन ग्रहों का राशि परिवर्तन होगा।
बुध का गोचर- 7 जून
जून के महीने में सबसे पहले बुद्धि वाणी के कारक ग्रह बुध का गोचर होगा। 7 जून को बुध बृषभ राशि में गोचर करेंगे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भी किसी की कुंडली में बुध शुभ भाव में होते हैं यह व्यक्ति को तेज बुद्धि, अच्छी सफलता और जीवन में मान-सम्मान दिलाते हैं। बुध 7 जून 2023 को शाम के 7 बजकर 40 मिनट पर वृषभ राशि में गोचर करेंगे।
जून के महीने में सबसे पहले बुद्धि वाणी के कारक ग्रह बुध का गोचर होगा। 7 जून को बुध बृषभ राशि में गोचर करेंगे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भी किसी की कुंडली में बुध शुभ भाव में होते हैं यह व्यक्ति को तेज बुद्धि, अच्छी सफलता और जीवन में मान-सम्मान दिलाते हैं। बुध 7 जून 2023 को शाम के 7 बजकर 40 मिनट पर वृषभ राशि में गोचर करेंगे।
सूर्य का गोचर- 15 जून
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य हर एक माह में अपनी राशि बदलते हैं। सूर्य के राशि बदलने को संक्रांति कहा जाता है। सूर्य 15 जून को वृषभ राशि की यात्रा को विराम देते हुए मिथुन राशि में गोचर करेंगे। वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मा, मान-सम्मान, नेतृत्व कौशल और धन के कारक होते हैं। जिन जातकों की कुंडली में सूर्य शुभ स्थान पर होते हैं उन्हें हमेशा उच्च सफलता दिलाते हैं।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य हर एक माह में अपनी राशि बदलते हैं। सूर्य के राशि बदलने को संक्रांति कहा जाता है। सूर्य 15 जून को वृषभ राशि की यात्रा को विराम देते हुए मिथुन राशि में गोचर करेंगे। वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मा, मान-सम्मान, नेतृत्व कौशल और धन के कारक होते हैं। जिन जातकों की कुंडली में सूर्य शुभ स्थान पर होते हैं उन्हें हमेशा उच्च सफलता दिलाते हैं।
शनि कुंभ राशि में वक्री- 17 जून
सभी 9 ग्रहों में शनि सबसे धीमी चाल से चलने वाले ग्रह हैं इस कारण से इसका शुभ-अशुभ प्रभाव जब भी जातकों के ऊपर पड़ता है उसका प्रभाव ज्यादा देर तक रहता है। शनिदेव अभी अपनी स्वयं की राशि कुंभ में विराजमान है और 17 जून को कुंभ राशि में वक्री हो जाएंगे। 17 जून 2023 को रात 10 बजकर 48 मिनट पर शनि कुंभ राशि में वक्री चाल से चलेंगे। शनि की टेढ़ी चाल चलने से कुछ राशि के जातकों के ऊपर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
सभी 9 ग्रहों में शनि सबसे धीमी चाल से चलने वाले ग्रह हैं इस कारण से इसका शुभ-अशुभ प्रभाव जब भी जातकों के ऊपर पड़ता है उसका प्रभाव ज्यादा देर तक रहता है। शनिदेव अभी अपनी स्वयं की राशि कुंभ में विराजमान है और 17 जून को कुंभ राशि में वक्री हो जाएंगे। 17 जून 2023 को रात 10 बजकर 48 मिनट पर शनि कुंभ राशि में वक्री चाल से चलेंगे। शनि की टेढ़ी चाल चलने से कुछ राशि के जातकों के ऊपर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

बुध का वृषभ राशि में अस्त- 19 जून
19 जून को बुध सुबह 7 बजकर 16 मिनट पर वृषभ राशि की यात्रा के दौरान अस्त हो जाएंगे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब कोई ग्रह अस्त होता है तब इसका अपना कारतत्व और प्रभाव कुछ दिनों के लिए मंद पड़ जाता है। यानी कोई भी ग्रह अस्त अवस्था में अपनी शक्तियां सूर्य के नजदीक आने पर खो देता है। ऐसे में बुध के अस्त होने पर कुछ राशि वालों के लिए आने वाला समय अच्छा नहीं रहेगा।
19 जून को बुध सुबह 7 बजकर 16 मिनट पर वृषभ राशि की यात्रा के दौरान अस्त हो जाएंगे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब कोई ग्रह अस्त होता है तब इसका अपना कारतत्व और प्रभाव कुछ दिनों के लिए मंद पड़ जाता है। यानी कोई भी ग्रह अस्त अवस्था में अपनी शक्तियां सूर्य के नजदीक आने पर खो देता है। ऐसे में बुध के अस्त होने पर कुछ राशि वालों के लिए आने वाला समय अच्छा नहीं रहेगा।
बुध का मिथुन राशि में गोचर- 24 जून
19 जून को बुध के अस्त होने के बाद 24 जून को बुध मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। बुध के शुभ प्रभाव से व्यक्ति की तार्किक क्षमता और वाणी का कौशल काफी बढ़ जाता है। बुध ग्रह को दो राशियां का स्वामित्व प्राप्त है। कन्या और मिथुन राशि के स्वामी बुध ग्रह होते हैं। कन्या राशि में बुध उच्च के और मीन राशि में नीच के होते हैं।
19 जून को बुध के अस्त होने के बाद 24 जून को बुध मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। बुध के शुभ प्रभाव से व्यक्ति की तार्किक क्षमता और वाणी का कौशल काफी बढ़ जाता है। बुध ग्रह को दो राशियां का स्वामित्व प्राप्त है। कन्या और मिथुन राशि के स्वामी बुध ग्रह होते हैं। कन्या राशि में बुध उच्च के और मीन राशि में नीच के होते हैं।

जून में 5 राशियां रहेंगी भाग्यशाली
जून के महीने में 5 ग्रहों की चाल बदलने से वैसे तो सभी 12 राशियों के जातकों के ऊपर प्रभाव देखने को मिलेगा, लेकिन ज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार 3 राशि वालों के लिए जून का महीना बहुत ही भाग्यशाली रहेगा। जून महीने में वृषभ, सिंह और धनु राशि वालों के भाग्य में वृद्धि देखने को मिलेगा। इस महीन करियर में अच्छी सफलता पाने के संकेत हैं। नौकरी की तलाश पूरी होगी। नौकरीपेशा जातकों को इस महीने वेतन में वृद्धि और प्रमोशन मिलने के अच्छे संकेत हैं वहीं अगर आप व्यापार में हैं तो इस माह आपको अच्छा मुनाफा और डील फाइनल हो सकती हैं।
जून के महीने में 5 ग्रहों की चाल बदलने से वैसे तो सभी 12 राशियों के जातकों के ऊपर प्रभाव देखने को मिलेगा, लेकिन ज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार 3 राशि वालों के लिए जून का महीना बहुत ही भाग्यशाली रहेगा। जून महीने में वृषभ, सिंह और धनु राशि वालों के भाग्य में वृद्धि देखने को मिलेगा। इस महीन करियर में अच्छी सफलता पाने के संकेत हैं। नौकरी की तलाश पूरी होगी। नौकरीपेशा जातकों को इस महीने वेतन में वृद्धि और प्रमोशन मिलने के अच्छे संकेत हैं वहीं अगर आप व्यापार में हैं तो इस माह आपको अच्छा मुनाफा और डील फाइनल हो सकती हैं।

