अयोध्या (संवाददाता) सुरेंद्र कुमार गौतम। जिलाधिकारी ने बताया कि वर्ष 2020-21, 2021-22 एवं 2022-23 के खरीफ व रबी मौसम में पुर्नगठित मौसम आधारित फसल बीमा जनपद के कई विकास खण्डों में लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि खरीफ फसल केला के लिए विकास खण्ड सोहावल, रुदौली, मयाबाजार, पूराबाजार, बीकापुर व तारून कुल छह ब्लाक में जोखिम कवरेज अवधि/बीमा अवधि एक जुलाई से 30 सितम्बर तक कृषको की ओर से बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है।डीएम ने बताया कि रबी फसल टमाटर के लिए विकास खण्ड सोहावल, रूदौली, मयाबाजार, पूराबाजार, बीकापुर एवं तारून कुल आठ ब्लाकों में जोखिम कवरेज अवधि@बीमा अवधि एक दिसम्बर से 31 मार्च तक कृषको की ओर से बीमा कराने की अंतिम तिथि 30 दिसम्बर है। रबी फसल आम के लिए विकास खण्ड मसौधा, सोहावल एवं मयाबाजार कुल तीन ब्लाक में जोखिम कवरेज अवधि/बीमा अवधि 16 दिसम्बर से 31 मई तक तथा कृषको की ओर से बीमा कराने की अंतिम तिथि 15 दिसम्बर है। खरीफ फसल केला के लिए बीमित राशि डेढ़ लाख रुपये रबी फसल टमाटर के लिए बीमित राशि 50 हजार व रबी फसल आम के लिए बीमित राशि 70 हजार रुपये है। डीएम ने बताया कि डीएम ने बताया कि रबी फसल टमाटर के लिए विकास खण्ड सोहावल, रूदौली, मयाबाजार, पूराबाजार, बीकापुर एवं तारून कुल आठ ब्लाकों में जोखिम कवरेज अवधि/बीमा अवधि एक दिसम्बर से 31 मार्च तक कृषको की ओर से बीमा कराने की अंतिम तिथि 30 दिसम्बर है। रबी फसल आम के लिए विकास खण्ड मसौधा, सोहावल एवं मयाबाजार कुल तीन ब्लाक में जोखिम कवरेज अवधि/बीमा अवधि 16 दिसम्बर से 31 मई तक तथा कृषको की ओर से बीमा कराने की अंतिम तिथि 15 दिसम्बर है। खरीफ फसल केला के लिए बीमित राशि डेढ़ लाख रुपये रबी फसल टमाटर के लिए बीमित राशि 50 हजार व रबी फसल आम के लिए बीमित राशि 70 हजार रुपये है। डीएम ने बताया कि फसलों की क्षति का आंकलन एवं क्षतिपूर्ति में मौसम की वास्तविक स्थिति के निर्धारण के लिए प्रत्येक ब्लाक में दो स्वचालित मौसम केन्द्र को स्थापित कराया जायेगा। क्षति का आंकलन वर्षा, तापमान, तेज हवा, आर्दता आदि के प्रतिदिन के आंकड़ों के आधार पर किया जायेगा। फसलों की क्षति का आंकलन बीमा की इकाई स्तर पर किया जायेगा। ब्लाक में स्थापित मौसम केन्द्र के अन्तर्गत आच्छादित क्षेत्र को बीमा की इकाई के रूप में अधिसूचित किया गया है। ऋणी किसानों का संबंधित बैंक द्वारा स्वत: कवर किया जायेगा। यदि बीमा नहीं लेना है तो अपने बैंक शाखा स्तर पर बीमा कराने की अंतिम तिथि के सात दिन पहले तक प्रतिभागिता नहीं करने के संबंध में लिखित रूप से बैंक को देना होगा। गैर ऋणी कृषक स्वैच्छिक आधार पर निकटतम बैंक शाखा, बीमा कम्पनी के एजेंट, जनसेवा केन्द्र या सीधे फसल बीमा पोर्टल पर आनलाइन बीमा करा सकेंगे। यह आवश्यक है कि बैंक शाखा द्वारा ऋणी कृषक की प्रीमियम अंश की कटौती बीमा कराने की कट आफ डेट के अंतिम सात दिनों में करें। नये केसीसी बनाने के समय पुराने केसीसी को नवीनीकृत करने के समय, बैंक संबंधित किसान को फसल बीमा में प्रतिभागिता के संबंध में जानकारी देफसलों की क्षति का आंकलन एवं क्षतिपूर्ति में मौसम की वास्तविक स्थिति के निर्धारण के लिए प्रत्येक ब्लाक में दो स्वचालित मौसम केन्द्र को स्थापित कराया जायेगा। क्षति का आंकलन वर्षा, तापमान, तेज हवा, आर्दता आदि के प्रतिदिन के आंकड़ों के आधार पर किया जायेगा। फसलों की क्षति का आंकलन बीमा की इकाई स्तर पर किया जायेगा। ब्लाक में स्थापित मौसम केन्द्र के अन्तर्गत आच्छादित क्षेत्र को बीमा की इकाई के रूप में अधिसूचित किया गया है। ऋणी किसानों का संबंधित बैंक द्वारा स्वत: कवर किया जायेगा। यदि बीमा नहीं लेना है तो अपने बैंक शाखा स्तर पर बीमा कराने की अंतिम तिथि के सात दिन पहले तक प्रतिभागिता नहीं करने के संबंध में लिखित रूप से बैंक को देना होगा। गैर ऋणी कृषक स्वैच्छिक आधार पर निकटतम बैंक शाखा, बीमा कम्पनी के एजेंट, जनसेवा केन्द्र या सीधे फसल बीमा पोर्टल पर आनलाइन बीमा करा सकेंगे। यह आवश्यक है कि बैंक शाखा द्वारा ऋणी कृषक की प्रीमियम अंश की कटौती बीमा कराने की कट आफ डेट के अंतिम सात दिनों में करें। नये केसीसी बनाने के समय पुराने केसीसी को नवीनीकृत करने के समय, बैंक संबंधित किसान को फसल बीमा में प्रतिभागिता के संबंध में जानकारी दे सकते हैं।

