अयोध्या। केन्द्र सरकार ने महिलाओं को समाज में सम्मान दिलाने हेतु उनके लिए आरक्षण दिया गया जिससे वे समाज में निकल कर अपने अनुभव के आधार पर काम कर सकें। लेकिन आज कल सब कुछ उल्टा हो रहा है। क्षेत्र पंचायत सदस्यों की बैठक में भी इन महिलाओं को बहुत ही कम देखा जाता है बल्कि इनके स्थान पर उनके घरों के पुरुष ही नजर आते हैं और वही इनके हस्ताक्षर भी सभी लोगों के समक्ष करते हैं।जबकि मेरी जानकारी के अनुसार प्रधान वह क्षेत्र पंचायत सदस्य के स्थान पर जन प्रतिनिधि का कोई मतलब नहीं है । यदि भारतीय सम्बिधान में ऐसी व्यवस्था है तो किस पैरा एवं अनुच्छेद में निहित है हमें भी बताने का कष्ट करें जिससे समाज के लोग भी जान सकें।

