अयोध्या (संवाददाता) सुरेंद्र कुमार। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लखनऊ में कोरोना महामारी के दौरान अनाथ हुए बच्चों के संरक्षण के लिए प्रदेश सरकार से उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का शुभारंभ किया गया। जिले में चिह्नित 165 बच्चों को लभ दिए जाने के लिए स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि विदेशों में कोरोना महामारी से हुई मृत्यु की तुलना में उत्तर प्रदेश सबसे कम प्रभावित प्रदेश है। उन्होंने बताया कि वैश्विक महामारी कोविड19 में मार्च 2020 के बाद 240 बच्चे ऐसे है जिन्होंने अपने माता-पिता दोनों को खो दिया है। 3810 ऐसे बच्चें है जिन्होंने माता-पिता में से किसी एक अभिभावक को खो दिया है।प्रदेश स्तर पर 4050 बच्चे अब तक चिह्नित कर इस योजना से लाभान्वित किया गया। जिले में आयुक्त कार्यालय के गांधी सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें आऐ हुये 35 बच्चों को जिन्होंने अपने माता-पिता या दोनों में से किसी एक को कोविड संक्रमण काल में खो दिया है, को योजना के लाभ का स्वीकृति पत्र वितरित करते हुए अयोध्या विधायक वेदप्रकाश गुप्ता ने कहा कि कोरोना में अनाथ हुए बच्चों के पालन पोषण के लिए प्रदेश सरकार ने योजना का शुभारम्भ किया है। प्रदेश में ऐसा पहली बार हो रहा है।
उन्होंने जिला प्रशासन की प्रशंसा की, कहा कि कड़ी मेहनत के साथ जनपद के कुल 165 बच्चों जिन्होंने कोरोना के संक्रमण काल में अपने अभिभावकों को खोया है, को ढूंढकर उनके आवेदन पत्र भरवाने के साथ सभी औपचारिकताएं पूर्ण कराकर इस योजना का उन्हें लाभ दिलाया है। कोरोना संक्रमण काल में डीएम अनुज कुमार झा से निरंतर किऐ गए प्रयासों की भी सराहना की।अफसरों के मेहनत का परिणाम हम लोगों के सामने है कि जनपद में कोविड से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या अत्यंत सीमित रही। जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने अनाथ हुए बच्चों के भरण पोषण एवं जीवन यापन के लिए जो योजना लांच की है उसका लाभ जनपद के अभी 165 बच्चों को दिया जा रहा है।प्रदेश स्तर पर 4050 बच्चे अब तक चिह्नित कर इस योजना से लाभान्वित किया गया। जिले में आयुक्त कार्यालय के गांधी सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें आऐ हुये 35 बच्चों को जिन्होंने अपने माता-पिता या दोनों में से किसी एक को कोविड संक्रमण काल में खो दिया है, को योजना के लाभ का स्वीकृति पत्र वितरित करते हुए अयोध्या विधायक वेदप्रकाश गुप्ता ने कहा कि कोरोना में अनाथ हुए बच्चों के पालन पोषण के लिए प्रदेश सरकार ने योजना का शुभारम्भ किया है। प्रदेश में ऐसा पहली बार हो रहा है।
उन्होंने जिला प्रशासन की प्रशंसा की, कहा कि कड़ी मेहनत के साथ जनपद के कुल 165 बच्चों जिन्होंने कोरोना के संक्रमण काल में अपने अभिभावकों को खोया है, को ढूंढकर उनके आवेदन पत्र भरवाने के साथ सभी औपचारिकताएं पूर्ण कराकर इस योजना का उन्हें लाभ दिलाया है। कोरोना संक्रमण काल में डीएम अनुज कुमार झा से निरंतर किऐ गए प्रयासों की भी सराहना की।
अफसरों के मेहनत का परिणाम हम लोगों के सामने है कि जनपद में कोविड से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या अत्यंत सीमित रही। जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने अनाथ हुए बच्चों के भरण पोषण एवं जीवन यापन के लिए जो योजना लांच की है उसका लाभ जनपद के अभी 165 बच्चों को दिया जा रहा हैइसके साथ ही आगामी दिनों में जनपद में ऐसे और बच्चों को चिह्नित कर योजना का लाभ शत प्रतिशत दिलाया जाए।
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि 0 से 18 वर्ष के अनाथ हुए बच्यों को प्रतिमाह चार हजार रुपये प्रतिमाह दिए जायेंगे। इसके साथ ही 11 से 18 वर्ष के सभी बच्चों की कक्षा 12 तक की निशुल्क शिक्षा कस्तूरबा गांधी बालिका एवं अटल आवासीय विद्यालयों में करायी जाएगी। इसके साथ योजना की अन्य बातों को भी उन्होंने बताया।
योजना से अयोध्या विधानसभा से 62, रुदौली के 12, गोसाईगंज से 26, बीकापुर के 45 और मिल्कीपुर विधानसभा के 20 बच्चों को आच्छादित किया गया। कार्यक्रम में परियोजना निदेशक आरपी सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी जयनाथ गुप्ता, उपसूचना निदेशक सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

