भगवान ब्रह्मा भी आ जाएं तो भी सरकार पांच साल चलेगी – उप मुख्यमंत्री पवार

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भगवान ब्रह्मा भी आ जाएं तो भी सरकार पांच साल चलेगी – उपमुख्यमंत्री पवार
जो चुनावी घोषणाएं हैं वह पांच साल में पूरी की जाएगी
बिपिन गुप्ता/महाराष्ट्र

मुंबई , महाराष्ट्र राज्य का बजट सत्र चल रहा है और वित्त मंत्री अजित पवार ने 10 मार्च को बजट पेश किया था । इसके बाद विधानसभा में बजट पर कई दिनों तक चर्चा हुई। इस चर्चा में करीब 75 सदस्यों ने भाग लिया था। इस चर्चा में विपक्षी पार्टी शिवसेना ( ऊबाठा ) के भास्कर जाधव ने भी सराहना की थी। सोमवार को उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजित पवार ने इस बजट चर्चा का जवाब दिया। जिसमें उन्होंने कहा कि भास्कर जाधव ने सराहना किया वह वास्तव में किया या इसके पीछे कुछ और कारण है। यह भी कहा गया कि सभी सदस्यों को अजित पवार की शरण में गए बिना काम नहीं होगा। पवार ने कहा कि शरण में जाना यह उल्लेख करना ठीक नहीं है हममें सब में एकता है कहीं विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि आप बजट को दोष दे दो , लोकतंत्र है मुझे दोष दे दो लेकिन ऐसा बयान मत करो जिससे देश की प्रगति में बाधा आये। उन्होंने कहा कि विपक्ष राज्य की आर्थिक हालत खराब बता रहा है ऐसा मत करो क्योंकि इससे महाराष्ट्र में जो निवेश होनेवाला है वह प्रभावित हो। उन्होंने आरबीआई की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति सुदृढ है। इस दौरान उन्होंने शेरो शायरी की और विरोधियों पर निशाना साधा। उन्होंने विरोधियों को भी हास्यपूर्ण अंदाज में भी जवाब दिया।
उन्होंने कहा पिछले वर्ष घोषित कुछ योजनाएं बंद कर दी गई हैं कुछ विपक्षी विधायकों ने भी यह सवाल उठाया। इसका जवाब देते हुए अजित पवार ने कहा, ‘कुछ योजनाएं उस समय उत्पन्न स्थिति के आधार पर शुरू की जाती हैं। सभी योजनाओं की समय-समय पर समीक्षा की जाती है। “जो योजनाएं अप्रचलित हो गई हैं उन्हें बंद करना होगा।”जो योजनाएं लोगों और राज्य के हित में हैं वह बंद नहीं की जाएगी। राज्य ने कोई योजना शुरू की थी और केंद्र ने भी उसी तरह की योजना शुरू की तो राज्य की उस योजना को बंद करके वह रकम दूसरे मद में उपयोग की जाती है।
विपक्ष लाडली बहन योजना के बारे में सवाल पूछा था। अजित पवार ने कहा कि वह महायुति सरकार द्वारा शुरू की गई किसी भी योजना को नहीं रोकेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘यह सरकार पर बोझ है, लेकिन हमने किसानों को मुफ्त बिजली देने का फैसला किया है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर प्रावधान नहीं किये गये। लेकिन अभी भी मानसून सत्र चल रहा है। यह शीतकालीन सत्र है। इसलिए, इन दो सत्रों में धन उपलब्ध कराया जाएगा।उन्होंने कहा चुनाव के घोषणा पत्र में जो घोषणा की गयी थी उसको पूरा किया जायेगा लेकिन यह घोषणा पांच साल के लिए है। हममें से किसी ने भी नहीं कहा कि हम हम नहीं करेंगें।
पवार ने कहा कि भगवान ब्रह्मा भी आ जाएं तो भी सरकार को कोई झटका नहीं लगेगा और पांच साल पूरा करेगी । विपक्ष के द्वारा सरकार को कॉन्ट्रैक्टर की सरकार बताने पर पवार ने कहा कि राज्य में विभिन्न तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर की जरुरत होती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा है। देश के अर्थ व्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर का उद्देश्य है जबकि महाराष्ट्र का 1 ट्रिलियन डॉलर करने और महाराष्ट्र को विकसित करने का है। उन्होंने कॉन्ट्रैक्टर को चार गुना रकम देने के विपक्ष के बयान पर कहा कि सबूत लाओ जाँच की जाएगी। ज्ञातव्य है कि महाराष्ट्र पर कर्ज 8 लाख 72 हजार करोड़ रुपये हो गया है।

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