एसआईआर प्रक्रिया को लेकर फैली अफवाहों का एडीएम ने किया खंडन, कहा– बिना हस्ताक्षर फॉर्म पूरी तरह अमान्य: परमानन्द झा
जौनपुर,03 फरवरी। यूपी के जौनपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर मतदाताओं के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। सोमवार से सोशल मीडिया पर यह चर्चा ज़ोरों पर है कि एक विशेष राजनीतिक पार्टी द्वारा फॉर्म-7 भरवाकर बीएलओ पर दबाव बनाया जा रहा है, जिससे मतदाताओं के नाम सूची से काटे जा रहे हैं। इसी मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक दिन पूर्व सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर SIR प्रक्रिया पर सवाल भी उठाए थे।
इस मामले में जानकारी देते हुए मंगलवार को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) परमानंद झाँ ने स्पष्ट रूप से इसे अफवाह बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही खबरों का खंडन करते हुए कहा कि यह पूरी तरह झूठ और निराधार हैं।
एडीएम ने बताया कि मतदाता सूची से संबंधित किसी भी प्रकार का फॉर्म यदि बीएलए द्वारा दिया जाता है तो उस पर हस्ताक्षर अनिवार्य है। बिना हस्ताक्षर वाला कोई भी फॉर्म प्रशासन के लिए पूरी तरह अमान्य और रद्दी है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में कुछ राजनीतिक दलों के लोग बिना हस्ताक्षर किए हुए फॉर्म दिखाने आए थे, लेकिन ऐसे फॉर्म का कोई कानूनी या प्रशासनिक महत्व नहीं है और उन पर कोई कार्यवाही नहीं की जा सकती।
एडीएम परमानंद झाँ ने मतदाताओं से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें और किसी भी संशय की स्थिति में सीधे प्रशासन या संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त
करें।

