मंत्रियों विधायकों सांसदों को पहले पद से इस्तीफा दे देना चाहिए:

 

यदि चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं है तो ऐसे मंत्रियों विधायकों सांसदों को पहले पद से इस्तीफा दे देना चाहिए: ओम प्रकाश राजभर

 

पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर हमला, बोले—एसआईआर पर भ्रम फैला रहे हैं सपा प्रमुख

 

 

जौनपुर। यूपी के जौनपुर उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर शुक्रवार को एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने जौनपुर पहुंचे, जहां उन्होंने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। मीडिया से बातचीत में राजभर ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर पीडीए के वोट काटे जाने का आरोप पूरी तरह भ्रामक है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए में शामिल ओमप्रकाश राजभर, केशव प्रसाद मौर्य, संजय चौहान और अनुप्रिया पटेल भी पीडीए वर्ग से आते हैं, फिर उनके वोट क्यों नहीं कट रहे?

राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव सड़कों पर बयानबाजी कर समाज को गुमराह कर रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि बूथ स्तर पर सपा के कार्यकर्ता वोट बढ़ाने, कटवाने और नाम संशोधन का काम कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसआईआर सरकार का नहीं, बल्कि चुनाव आयोग का कार्य है और चुनाव आयोग पूरी निष्पक्षता से प्रक्रिया संचालित कर रहा है। उन्होंने कहा कि आयोग ने समयसीमा भी बढ़ाई है और यह भरोसा दिया है कि बिना सूचना के किसी का नाम नहीं काटा जाएगा।

चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को गलत बताते हुए राजभर ने कहा कि जो नेता इसी आयोग के जरिए सांसद-विधायक बने हैं, उन्हें पहले नैतिक जिम्मेदारी समझनी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि आयोग पर भरोसा नहीं है तो ऐसे नेताओं को पहले इस्तीफा देना चाहिए।

राजभर ने आगामी चुनावों को लेकर कहा कि 22 फरवरी को आजमगढ़ के अहिरौला गांव में बड़ी जनसभा कर 2027 के चुनाव का बिगुल फूंका जाएगा। पंचायत चुनाव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और समय पर चुनाव होंगे। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची से जुड़ी आपत्तियों का निस्तारण किया जा चुका है और 28 फरवरी को अंतिम प्रकाशन प्रस्तावित है।

उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी 62 सीटों पर तैयारी कर रही है और बूथ, सेक्टर व विधानसभा स्तर तक संगठन मजबूत किया गया है। भाजपा को बड़ी पार्टी बताते हुए उन्होंने कहा कि सीटों का फैसला आपसी सहमति से होगा।

अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए राजभर ने कहा कि 2027 में सपा की स्थिति 2017 से भी कमजोर होगी। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि विकास के मुद्दों पर बात करने के बजाय केवल आरोप-प्रत्यारोप किया जा रहा है, जबकि भाजपा सरकार में सड़कों, इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

उन्होंने यह भी कहा कि समाज में सद्भाव और सामाजिक जिम्मेदारी सबसे अहम है और युवाओं को सामाजिक सेवा, कानून की जानकारी और आपदा के समय मदद के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।

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