वर्ष 2023 के बाद पीयू के स्नातक परास्नातक और व्यावसायिक पाठ्यक्रम उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं को अब प्लास्टिक कोटेड डिग्री प्रदान की जाएगी
जौनपुर,07 फरवरी। यूपी के जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने उपाधियों को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने निर्णय लिया है कि वर्ष 2023 के बाद स्नातक (UG), परास्नातक (PG) और व्यावसायिक पाठ्यक्रम उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं को अब प्लास्टिक कोटेड डिग्री प्रदान की जाएगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इससे पहले उत्तीर्ण हुए विद्यार्थियों को पूर्व की तरह कागज पर मुद्रित डिग्री ही दी जाएगी। नई व्यवस्था का उद्देश्य उपाधियों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना और छेड़छाड़ की संभावनाओं को समाप्त करना है। कागज की डिग्रियों के फटने, खराब होने या नष्ट होने की आशंका बनी रहती है, जबकि प्लास्टिक कोटेड डिग्री अधिक मजबूत और टिकाऊ होती है।
नई व्यवस्था से छात्र-छात्राओं को रोजगार, उच्च शिक्षा और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में आवेदन के दौरान सहूलियत मिलेगी।।इस मामले शनिवार को बात करते हुए
परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि प्लास्टिक कोटेड उपाधि टूटने या खराब होने की स्थिति में भी सुरक्षित रहती है और इसमें किसी भी प्रकार की हेराफेरी संभव नहीं है। डिग्री में एक विशेष गुप्त कोड अंकित रहेगा, जिसे केवल विभागीय स्तर पर ही सत्यापित किया जा सकेगा। छेड़छाड़ की स्थिति में तुरंत उसकी पहचान हो जाएगी।प्लास्टिक कोटेड डिग्री की सत्यता जांचना भी अपेक्षाकृत आसान होगा, जिससे फर्जी डिग्री के मामलों पर प्रभावी रोक लग सकेगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस तरह की डिग्रियों को अधिक मान्यता और स्वीकार्यता मिलती है।

