अन्नपूर्णा भवनों को “सहज जन सुविधा केंद्र” के रूप में विकसित किया जा रहा है
जौनपुर,07 फरवरी
। यूपी के जौनपुर में सरकारी सस्ती राशन की दुकानों को अब नए स्वरूप में विकसित कर “अन्नपूर्णा भवन” बनाया जा रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत इन भवनों के संचालन की जिम्मेदारी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को सौंपी गई है। जल्द ही पंचायत विभाग द्वारा इन भवनों को औपचारिक रूप से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को हस्तांतरित कर दिया जाएगा।
सरकार की योजना के अनुसार वर्ष 2025-26 तक कुल 151 अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए जिले के 87 गांवों में भूमि की पहचान कर ली गई है। इनमें से 64 भवनों का निर्माण मनरेगा के तहत किया जाएगा, जबकि 23 भवन खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा निर्मित कराए जाएंगे। प्रत्येक भवन पर करीब 8.5 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
पंचायत भवनों को जन सुविधा केंद्रों में बदलने की तर्ज पर, इन अन्नपूर्णा भवनों को भी “सहज जन सुविधा केंद्र” के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां से जरूरतमंदों को भू-अभिलेख सहित अन्य आवश्यक सरकारी दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
प्रथम चरण में मॉडल के तौर पर 75 राशन की दुकानों को चिह्नित किया गया था, जिनमें से 65 का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। जिले में कुल 1734 ग्राम पंचायतें हैं और सरकार इस सुविधा को चरणबद्ध तरीके से प्रत्येक गांव तक पहुंचाने की योजना पर काम कर रही है। जिले में कुल 2010 सस्ती राशन की दुकानें हैं, जिनमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्र शामिल हैं।
इस योजना में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए नया प्रावधान भी किया गया है। अब सांसद या विधायक भी अन्नपूर्णा भवन के निर्माण के लिए प्रस्ताव दे सकेंगे, जिस पर शासन स्तर पर विचार कर निर्माण कराया जाएगा। पहले इस तरह की व्यवस्था नहीं थी।
अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण कार्य लगातार जारी है। वर्ष 2023-24 में 75 भवनों का लक्ष्य रखा गया था और इसी तरह 2025-26 के लिए भी लक्ष्य निर्धारित कर दिए गए हैं। योजना को प्रभावी बनाने और निर्माण में आने वाली अड़चनों को दूर करने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को अलग से बजट भी आवंटित कि
या गया है।

