इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के समर्थन से कैंसर जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया 

श्री कृष्ण दत्त डिग्री कॉलेज द्वारा कम्युनिटी साइकोलॉजी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सहयोग एवं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के समर्थन से कैंसर जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया

 

श्री कृष्ण दत्त अकादमी (एक स्वायत्त महाविद्यालय) द्वारा “रोकथाम, पहचान एवं देखभाल” विषय पर एक कैंसर जागरूकता संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों एवं समाज को कैंसर की शीघ्र पहचान, रोकथाम के उपायों तथा समग्र उपचार के प्रति जागरूक करना था।

 

यह संगोष्ठी एसकेडी गाइडेंस एवं काउंसलिंग सेल, एसकेडी कॉलेज ऑफ फार्मेसी तथा कम्युनिटी साइकोलॉजी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सहयोग से तथा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के समर्थन से आयोजित की गई, जो स्वास्थ्य शिक्षा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की दिशा में एक सशक्त अंतर्विषयक प्रयास को दर्शाती है।

 

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. श्वेता श्रीवास्तव, सचिव, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), लखनऊ रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कैंसर की शीघ्र पहचान, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा मानसिक सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समय पर जागरूकता एवं चिकित्सकीय हस्तक्षेप से कैंसर से होने वाली मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

 

संगोष्ठी को विभिन्न क्षेत्र के प्रतिष्ठित संसाधन विशेषज्ञों के व्याख्यानों से और अधिक समृद्ध किया गया। डॉ. प्रतीक मल्होत्रा, निदेशक, ब्रेस्ट एवं एंडोक्राइन क्लिनिक ने स्तन कैंसर जागरूकता एवं शीघ्र जांच के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. तरुणा, प्रोफेसर, एरा मेडिकल कॉलेज ने कैंसर की रोकथाम एवं प्रारंभिक पहचान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं। डॉ. रत्ना पांडेय, सेवानिवृत्त प्रोफेसर, सिविल अस्पताल ने समय पर उपचार एवं सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता के महत्व को रेखांकित किया। वहीं, कैंसर उपचार के मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए डॉ. कुमुद श्रीवास्तव, मनोवैज्ञानिक, ने मानसिक स्वास्थ्य, परामर्श एवं भावनात्मक सहयोग को समग्र कैंसर उपचार का अभिन्न अंग बताया।

 

इस कार्यक्रम का आयोजन मुख्य संरक्षक श्री मनीष सिंह, निदेशक, एसकेडी ग्रुप ऑफ एजुकेशन के कुशल नेतृत्व में किया गया। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि कैंसर जागरूकता केवल एक चिकित्सकीय विषय नहीं बल्कि एक सामूहिक सामाजिक उत्तरदायित्व है। उन्होंने छात्रों एवं शिक्षकों को जागरूकता अभियानों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया तथा कहा कि शैक्षणिक संस्थान निवारक ज्ञान के प्रसार, स्वस्थ आदतों को बढ़ावा देने एवं सामाजिक रूप से जिम्मेदार भावी नागरिकों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 

इस अवसर पर सुश्री निशा सिंह, उप निदेशिका, एसकेडी ग्रुप ऑफ एजुकेशन एवं सहायक निदेशिका (शैक्षणिक) ने 4 फरवरी को आयोजित अंतर-महाविद्यालय पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया तथा सभी प्रतिभागियों की रचनात्मकता, मौलिकता एवं कैंसर जागरूकता विषय पर उनके विचारशील प्रस्तुतिकरण की सराहना की।

 

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. नवीन कुमार, उप निदेशक (उच्च शिक्षा) ने भविष्य में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक नियमित रूप से आयोजित करने के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल छात्रों को जागरूक करने, उच्च शिक्षा को सशक्त बनाने तथा शैक्षणिक ज्ञान और सामाजिक उत्तरदायित्व के बीच सेतु का कार्य करती हैं।

कार्यक्रम का समापन एक संवादात्मक सत्र के साथ हुआ, जिसमें छात्रों ने विशेषज्ञों से सक्रिय रूप से प्रश्न पूछे, तत्पश्चात धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। यह संगोष्ठी अपनी प्रासंगिकता, जागरूकता-केंद्रित दृष्टिकोण एवं शैक्षणिक संस्थानों और चिकित्सा जगत के प्रभावी सहयोग के लिए व्यापक रूप से सराही गई।

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