सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि न्याय, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा हमारा मुख्य उद्देश्य: डॉ. अय्यूब सर्जन
लखनऊ। पीस पार्टी के 18वें स्थापना दिवस के अवसर पर राजधानी हिंदू मुस्लिम साथ चले गए एकता का राज चलेगा जैसे नारे से लखनऊ के रवींद्रालय में एक भव्य वैचारिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश भर से आए पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया, जिसमें पार्टी की भविष्य की रणनीति और सामाजिक-राजनीतिक न्याय पर विस्तार से चर्चा की गई।
संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अय्यूब सर्जन ने कहा कि पार्टी का उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि देश के कमजोर, पिछड़े, दलित और मुस्लिम समाज को उनका संवैधानिक हक दिलाना है। उन्होंने जोर देकर कहा, “आज देश का लोकतंत्र और संविधान खतरे में है, और इसकी रक्षा के लिए एक मजबूत राजनीतिक विकल्प की आवश्यकता है।”
प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति
इस अवसर पर पार्टी के संगठन को मजबूत करने और जन-जन तक पार्टी की नीतियों को पहुँचाने पर बल दिया गया। कार्यक्रम में पीस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद निषाद जी राष्ट्रीय महासचिव अफरोज बादल अवध प्रांतीय अध्यक्ष डॉ जहांगीर अल्वी, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय प्रवक्ता हाफिज गुलाम सरवर ,राष्ट्रीय प्रवक्ता हाजी नाजिम , राष्ट्रीय सचिवालय से यासिर निजाम साहब ,लखनऊ जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए जिला अध्यक्ष मोहम्मद नफीस मंसूरी और जिला महासचिव डॉ. मोहम्मद हसीन सिद्दीकी ,मोहम्मद मेराज मलिहाबाद विधानसभा अध्यक्ष ,धर्मेंद्र सिंह जिला प्रभारी लखनऊ ,महिला जिला अध्यक्ष संगीता सिंह ,बालागंज वार्ड अध्यक्ष अनीता वर्मा ,वरिष्ठ जिला सलाहकार प्रमोद तिवारी ,शेर अली लखनऊ उत्तर विधानसभा अध्यक्ष, ए के कनौजिया विधानसभा अध्यक्ष बीकेटी ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने संगठन की मजबूती और आगामी चुनौतियों से निपटने के लिए कार्यकर्ताओं में जोश भरा।
कार्यक्रम के मुख्य बिंदु:
सामाजिक न्याय: समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना।
संगठन विस्तार: गांव-गांव तक पीस पार्टी की विचारधारा को पहुँचाने का संकल्प।
वैचारिक मंथन: देश के वर्तमान राजनीतिक हालातों पर गंभीर चर्चा और भविष्य की कार्ययोजना।
इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए दिग्गज नेताओं ने भी अपने विचार रखे और पार्टी की 18 वर्षों की यात्रा और उपलब्धियों को रेखांकित किया। अंत में, सभी कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर संविधान और न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने की शपथ ली।

