अर्थ एवं संख्याp प्रभाग राज्य नियोजन संस्थान द्वारा
राज्य आय के त्वरित अनुमान, वर्ष 2022-23
(आधार वर्ष 2011-12)
ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ: प्रदेश के अर्थ एवं संख्या प्रभाग, राज्य नियोजन संस्थान द्वारा राज्य आय के वर्ष 2022-23 के त्वरित अनुमान तैयार कर जारी किये गये हैं। प्रदेश के सकल राज्य मूल्यवर्धन में फसल, पशुपालन, विनिर्माण एवं सेवा उपखण्ड के अन्तर्गत वर्ष 2022-23 में गत वर्ष से क्रमशः10.7%, 19.8%, 11.2% एवं 14.8% की वृद्धि अनुमानित हुई है। वर्ष 2022-23 की प्रतिव्यक्ति आय ₹ 83,636 आंकलित हुई है जो गत वर्ष से 13.3% की वृद्धि दर को दर्शाता है। वर्ष 2022-23 के त्वरित अनुमानों के अनुसार उत्पाद कर व उत्पाद सब्सिडी क्रमशः रू0 2,64,527 एवं 70,732 करोड़ अनुमानित की गयी। वर्ष 2022-23 में सकल राज्य मूल्यवर्धन (जीएसवीए) का खण्डवार वितरण इस प्रकार है (क) प्राथमिक खण्ड-27.1% (ख) द्वितीयक खण्ड-26.6% (ग) तृतीयक खण्ड-46.4%।
यह जानकारी निदेशक अर्थ एवं संख्या डा0 दिव्या सरीन मेहरोत्रा ने आज यहां दी। उन्होने बताया कि 2022-23 के त्वरित अनुमान केंद्रीय सांख्यिकीय कार्यालय, नई दिल्ली, भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई रीति विधान का अनुसरण कर प्रदेश सरकार के विभिन्न सम्बन्धित विभागों द्वारा उपलब्ध कराये गये अनन्तिम एवं त्वरित आंकड़ों का प्रयोग कर तैयार किये गये हैं। प्रदेश के राज्य आय के वर्ष 2022-23 के प्रचलित भावों पर तैयार त्वरित अनुमान के मुख्य बिन्दु है :-
वर्ष 2022-23 के त्वरित अनुमान के अनुसार प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद ₹ 22,58,040 करोड़ अनुमानित किया गया है जो गत वर्ष से 14.3% की वृद्धि दर को दर्शाता है।
वर्ष 2022-23 में प्राथमिक, द्वितीयक तथा तृतीयक खण्डों का सकल राज्य मूल्यवर्धन क्रमशः ₹ 5,59,210 करोड़, ₹ 5,48,163 करोड़ तथा ₹ 9,56,871 करोड़ अनुमानित किया गया है, जो गत वर्ष से क्रमशः 14.9%, 12.2% तथा 14.8% की वृद्धि को दर्शाता है।

